दुर्ग. सिविल लाइन कसारीडीह स्थित देवी सतरूपा शीतला तालाब सौंदर्यीकरण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। काम अभी जारी और लाखों की लागत से बनाई रिटर्निंग वाल हल्की बारिश में ही धराशायी हो गई। तालाब का दीवार गिरने के मामले में कांग्रेसियों ने बुधवार को निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कांग्रेसजनों का कहना था कि नगर पालिक निगम ने जो काम पूरा नहीं हुआ है उसका भुगतान पूरा कर दिया है। कांग्रेस ने शहर विधायक अरुण वोरा के नेत्व में शीतला तालाब के किनारे पंडाल लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
तालाब सौंदर्यीकरण में जमकर भ्रष्टाचार
इस अवसर पर विधायक सहित कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि हल्की बारिश में ही तालाब के चारों ओर बनाई गई रिटर्निग वॉल भरभरा कर ढह गई। दीवार में कहीं पर भी मजबूती के लिए कालम खड़ा नहीं किया गया था। लिहाजा दीवार ढह गई। ठेका नियम शर्त के अनुरुप काम नहीं करना यह भारी लापरवाही और अनियमितता का जीता जागता उदाहरण है। अधिकारियों की लापरवाही एवं निर्माणी एजेंसी की मिलीभगत से तालाब सौंदर्यीकरण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। शहर विधायक अरुण वोरा ने कहा भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने शीतला तालाब में खुदाई के लिए 25 लाख का बिल, पानी फेंकने के लिए 23 लाख बिल, बिजली पोल, पाथ-वे एवं फाउंटेन लगाने के कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

प्रदर्शन में ये थे शामिल
धरना प्रदर्शन में शहर निगम सभापति राजकुमार नारायणी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व महापौर आरएन वर्मा, पार्षद लिखन साहू, अलताफ अहमद, लीलाधर पाल, नासिर खोखर, अंशुल पाण्डेय, शिवाकांत तिवारी, देवेश मिश्रा, बसंत खिलाड़ी, सुशील भारद्वाज, संदीप श्रीवास्तव, निखिल खिचरिया, राजकुमार साहू आदि मौजूद थे।
जाने सरोवर योजना के तहत कार्य को
कांग्रेसियों ने बताया कि 99 लाख 88 हजार 36 सौ रुपए का बजट सरोवर-धरोहर योजना के तहत वार्ड 44 स्थित शीतला तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत हुआ है। यह कार्य चार वर्षो में भी पूरा नहीं हो पाया। तालाब में अब तक 15-20 लाख का ही कार्य हुआ है। वहीं निगम ने संबंधित निर्माणी एजेंसी को पूरा भुगतान कर दिया है।