फर्रूखाबाद. जिले की स्पेशल फोर्स से निलंबित पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह पर जानलेवा फायरिंग की घटना पर लोग विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह उर्फ़ सिंघम नाम से लोकप्रिय है। इंस्पेक्टर आवास विकास कॉलोनी से अपनी डेक्सन कार नम्बर यूपी 32जीआर/3414 से मसेनी चौराहे की ओर जा रहे थे। बीच रास्ते पर कार के पीछे से अनेकों फायर किये गये, कई गोलियां कार में लगी जिससे पीछे का शीशा टूट गया। गोली सीट को चीरती हुई ड्राइवर के पैर के पास बॉडी से टकराई। कार को इंस्पेक्टर का साथी सिपाही अजय चला रहा था। पास में ही इंस्पेक्टर बैठे थे। पीछे सीट पर भी एक व्यक्ति बैठा था। जानलेवा हमला होने से दबंग इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंघम भयभीत हो जाने के कारण सीधे पुलिस लाइन स्थित आवास पर गये।
घटना के एक घंटे बाद इंस्पेक्टर ने एएसपी को इसकी जानकारी दी। एएसपी ने लेट जानकारी देने के बारे में पूछा, तो इंस्पेक्टर ने बताया कि भयभीत हो जाने के कारण तुरंत सूचना नहीं दे सके। घटना स्थल कोतवाली फर्रूखाबाद एवं फतेहगढ़ का बार्डर है। एएसपी ने इंस्पेक्टर फर्रूखाबाद व फतेहगढ़ को मामले की जांच सौपी। दोनों इंस्पेक्टर ने घटना स्थल पर जाकर लोगों से पूछताछ की। तथा सीसीटीवी कैमरे खंगाले। बताया जाता है कि इंस्पेक्टर सिंघम ने कोतवाली फर्रूखाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये तहरीर दी, लेकिन उनकी तहरीर नहीं ली गई।
इंस्पेक्टर सिंघम ने अपने परिचित लोगों को घटना की जानकारी देते हुये आरोप लगाया कि अपराधी रतन, शिवा व विक्की गिहार आदि ने कार पर ताबडतोड फायरिंग की है। जिसने भी यह घटना सुनी उसे कतई विश्वास नहीं हुआ क्योंकि ये लोग सिंघम के नाम से ही कांपते हैं। इससे पूर्व वह कस्वा चौकी कायमगंज व थाना मऊदरवाजा में भी तैनात रहे। कादरी गेट, मदनपुर चौकी में डयूटी के दौरान नशा करके दबंगई दिखाने के कारण ही लोग उन्हें सिंघम के नाम से जानने लगे। मालूम हो कि सिंघम को बीते दिनों ही स्वाट टीम प्रभारी पद से निलंबित किया गया है। उन्होंने अपने ट्रांसफर की भी गुहार लगाई है। वह इस जिले में नहीं रहना चाहते हैं क्योंकि उनका कुछ ही दिनों पहले बहुत बड़ा विरोध हो गया है।