फर्रुखाबाद. बहुत से समाजसेवी नेत्र से लेकर अपना शरीर दान करते हैं। लेकिन पुलिस विभाग के किसी अधिकारी ने अपने नेत्र दान किया हो यह शायद ही सुना हो। शमसाबाद थाना प्रभारी रामबाबू सिंह ने नेत्रदान करने का फैसला किया। थाना प्रभारी ने कहा कि नेत्रदान से बड़ा दुनिया में कोई दान नहीं। उन्होंने बताया डॉक्टर असद मंसूरी ने अपना पूरा शरीर दान किया है और उन्होंने अपने नेत्रदान किए हैं। इंसान के मरने के बाद 6 घंटे तक आंखें सही रहती हैं और किसी को भी लगाई जा सकती हैं। आंखें लगने के बाद किसी नेत्रहीन व्यक्ति को रोशनी मिलती है तो दुनिया देख सकता है। अगर हम किसी जरूरतमंद के काम आएं, तो इससे बड़ा और क्या काम होगा। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वे हर वर्ष रक्तदान करते हैं और समाज के लोगों को इस बारे में प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि आम समाज मे पुलिस छवि बहुत खराब है। इसलिए उनके अधिकारी मित्र पुलिस का संदेश देते है।
ये भी पढ़ें: आकाशीय बिजली गिरने से सहमे श्रद्धालु, मंदिर का एक हिस्सा हुआ क्षतिग्रस्त