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गाजीपुर

आजादी के 70 साल बाद भी यूपी का यह गांव बदहाल, नहीं पहुंचती है एंबुलेंस, लड़कों की नहीं हो रही शादी

ग्रामीणों ने आने वाले चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा भी कर रहे हैं।

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आलोक त्रिपाठी की रिपोर्ट

गाजीपुर. आजादी के 70 साल से अधिक बीत जाने के बाद भी आज भी कई ऐसे गांव हैं, जहां विकास की रोशनी अब तक नहीं पहुंची है। हालात यह है कि गांव में ना तो एंबुलेंस पहुंच पाती है और ना ही पुलिस की वैन। गांव में सड़क नहीं होने के कारण मरीजों को कंधे पर लादकर लाया जाता है। अब तो इस गांव में लोग शादी करने से भी कतरा रहे हैं। अब ग्रामीण समाजसेवियों का सहारा लेकर आंदोलन करने को तैयार है। ग्रामीणों ने तो आने वाले चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा भी कर रहे हैं।

जंगीपुर विधानसभा के तरछा ग्रामसभा के अम्माटारी गांव में आजादी के बाद से ही सड़क नहीं है। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क नहीं है। जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश भी है। ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन भी किया है। सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण दूबे के साथ गांव के पुरुष एवं महिलाओं ने बच्चों को लेकर चारपाई का एक खटोला बनाया और गांव के ही एक बीमार बुजुर्ग व्यक्ति को उस पर बैठाकर प्रदर्शन किया।

सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण दूबे ने कहा कि इसके पहले की सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय कैलाश यादव ने जहां क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, वहीं वर्तमान में समाजवादी पार्टी के विधायक डॉक्टर वीरेंद्र यादव एवं सांसद के रूप में दो- दो केंद्रीय मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे मनोज सिन्हा जी है। गांव के लोगों ने अनेकों बार इनसे गुहार लगाया, मगर ना तो उस गांव में कोई जनप्रतिनिधि जाता है और ना ही अधिकारी। गांव में राजभर और चौहान बिरादरी के लोग रहते हैं ।

वहीं जब इस पूरे मामले पर जिला अधिकारी के बालाजी से जानने का प्रयास किया तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है और इस गांव की सड़कों के निर्माण के लिए प्रांतीय खंड के अधिकारी को निर्देश दिया गया है।