गोरखपुर। मुख्यमंत्री के शहर में मेट्रो का सपना जल्द से पूरा हो इसके लिए मेट्रोमैन ई.श्रीधरन ने बुधवार को गोरक्षनगरी का दौरा किया। गोरखपुर में मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम कर रहे अधिकारियों के साथ मेट्रोमैन ने प्रोजेक्ट की कमियों-बाधाओं को समझा और उसे दूर करने पर मंथन किया। मेट्रोमैन ने उम्मीद जताई कि एक माह में समस्त बाधाओं को दूर कर ली जाएगी ताकि परियोजना में तेजी आ सके।
मेट्रोमैन ने परियोजना से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी बैठक की। गुरुवार को परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। मेट्रोमैन श्रीधरन ने बताया कि प्रोजेक्ट से जुड़े सभी जिम्मेदार मौजूद हैं। गुरुवार की बैठक गोरखपुर में मेट्रो के लिए निर्णय ले लिया जाएगा।
गोरखपुर में मेट्रो के लिए दो रूट चयनित
गोरखपुर में मेट्रो केलिए दो रूट को चिंहित किया गया है। संबंधित विभाग मेट्रो का डीपीआर बना रही संस्था राइट्स की सर्वे रिपोर्ट का अध्ययन कर अपनी -अपनी आख्या उपलब्ध भी उपलब्ध करा दिए हैं।
मेट्रो के जो दो रूट चिन्हित हुए है उसमें श्यामनगर से सूबा बाजार तक 18 किमी है। इस रूट को भविष्य में कालेसर तथा बाईपास तक विस्तार किया जा सकेगा। दूसरा रूट गुलहरिया से नौसढ़ तक करीब 14.5 किमी है।
सर्वे के अनुसार यह है सुझाव
लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने पहला कॉरीडोर कैंपियरगंज मार्ग को जोड़ते हुए श्याम नगर से सूबा बाजार तक बनाने का सुझाव दिया था। जिसकी कुल दूरी 18 किमी है। सुझाव के अनुसार, मेट्रो श्याम नगर से चलकर एफसीआई, गोरखनाथ मंदिर , गोरखपुर रेलवे स्टेशन, गोरखपुर बस स्टेशन, एयरपोर्ट, मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी होते हुए सूबा बाजार तक जाएगी। दूसरा कॉरीडोर ट्रांसपोर्ट नगर से जक्शन इंक्लेव तक बनाया जाना है जिसकी दूरी 14.5 किमी है। यह कॉरीडोर परतावल मार्ग से शुरू होगा जो बीआरडी मेडिकल कालेज, कचहरी बस स्टैंड होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक जाएगा। प्रत्येक एक किमी पर मेट्रो का ठहराव होगा। ऐसे में 30 स्टेशन बनाया जाएगा।
प्राथमिक सर्वे के आधार पर 15 किमी अंडर ग्राउंड और 15 किमी ऊपर से मेट्रो संचालित होने की संभावना है। मेट्रो की अनुमानित लागत करीब 12 हजार करोड़ आएगी। एक किमी अंडर ग्राउंड मेट्रो में 550 करोड़ और ऊपर से मेट्रो दौड़ाने में 225 से 250 करोड़ रुपये की लागत आती है।