
सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर के बाद फिर जयपुर में दोहराया है कि खलक की आवाज ही खुदा की आवाज होती है। वे सच्चे, निष्ठावान, कर्मठ, समर्पित और प्रतिबंध कार्यकर्ता के रूप में प्रदेश कांग्रेस पार्टी और हाईकमान जो कहेगा वो करते रहेंगे। यह भूमिका उनकी ही नहीं पार्टी में सभी नेताओं की होती है।
इस मामले में कोई ज्यादा विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। कुछ लोग विवाद खड़ा करते हैं। उनकी ऐसी प्रकृति होती है और वो ये काम करते हैं, जो काम करते है, तमाम जानकारी उनसकी मिलती रहती है, सबको पता रहता है कि कौन क्या कर रहा है? उनका कहना था कि मीडिया भी गलतफहमी पैदा करती है। कहा कुछ जाता है और छापते कुछ और हैं।
राजस्थान में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर गहलोत ने कहा कि हाईकमान जब फैसला करेगा, तो सबको पता चल जाएगा। कुछ लोग अति उत्साह में लोग मीडिया में बोल देते हैं। जनता का क्या फीडबैक है? जो जनता की आवाज ही खुदा की आवाज होती है। उनका कहना था कि पहले भी वो कह चुके हैं कि खलक (जनता) की आवाज ही खुदा की आवाज होती है। वैसे बार-बार कोई बोलेगा तो अनावश्यक विवाद पैदा होगा। गहलोत ने कहा कि नेताओं के फोलोवर्स को अपनी बात हाईकमान, पीसीसी और एआईसीसी के सामने रखनी चाहिए। ना कि मीडिया में। इससे विवाद ही पैदा होता है।