भारतीय सीएस संस्थान की ओर से आयोजित किए गए प्रोफेशनल और एग्जिक्यूटिव परीक्षा के परिणामों में जयपुर चैप्टर के स्टूडेंट्स ने भी अपनी जगह बनाई है। जयपुर चैप्टर की रिया प्रोफेशनल परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर तीसरे स्थान पर रही। वहीं एग्जिक्यूटिव परीक्षा में अजीत सिंह ने जयपुर सेंटर पर पहला स्थान प्राप्त किया, उन्होंने 51.38 फीसदी अंक प्राप्त किए, संजना ममनानी दूसरे स्थान पर रही उन्होंने 50.13 फीसदी और विधि जैन 50 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान प्राप्त किया। वहीं प्रोफेशनल परीक्षा में उर्वशी अग्रवाल नें जयपुर सेंटर पर दूसरा और मिताली अग्रवाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पत्रिका के साथ बात करते हुए इन स्टूडेंट्स ने अपनी सफलता की कहानी अपने शब्दों में कुछ इस तरह से बयां की-
रिया भागचंदानी (सीएस प्रोफेशनल परीक्षा)
ऑल इंडिया रैंक- 3
मैंने हमेशा से ही सेल्फ स्टडी पर फोकस किया। अपले सब्जेक्ट्स खुद ही तैयार किए। रिविजन पर फोकस किया। मेरा मानना है कि जो आप पढ़ रहे हैं उसे समझने की भी जरूरत होती है। मेरा पूरा दिन पढ़ाई में ही निकलता था, थोड़ा सा ब्रेक लेती थ्री फिर पढ़ाई। मैंने ऑनलाइन लेक्चर लिए और प्लान बनाकर पढ़ाई की। नाइट को ही पढ़ती थी वह भी सुबह के चार पांच बजे तक। शुरुआत में दस से बारह घंटे पढ़ाई की लेकिन परीक्षा पास आने के साथ ही समय और बढ़ाया। अब मेरा प्लान अपनी ट्रेनिंग को पूरा करना है इसके बाद कॉपोर्रेट जॉब में जाना है।

मिताली अग्रवाल (सीएस प्रोफेशनल परीक्षा)
जयपुर सेंटर रैंक – 3
मेरा मानना है कि ऐसे कोर्सेज के लिए सेल्फ स्टडी सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप यह एग्जाम क्लीयर नहीं कर सकते। मैंने नियमित रूप से तकरीबन 13 घंटे पढ़ाई की, जब भी ब्रेक लेना होता था उस समय मैं डांस करना, कुछ देर फ्रेंड्स और पैरेंट्स के साथ समय बिताना पसंद करती थी। माइंड को फ्रेश करने के लिए ब्रेक लेना भी बेहद जरूरी है। जहां तक इस फील्ड में आने की वजह मेरी बहन हैं वह भी सीएस ही हैं। मुझे सीईओ शब्द हमेशा से आकर्षित करता रहा है इसलिए मैंने सीएस करना पसंद किया और अब मुझे किसी बड़ी कम्पनी को जॉइन करना है जिससे मैं अपने इस सपने को पूरा कर सकंू।

उर्वशी अग्रवाल (सीएस प्रोफेशनल परीक्षा)
जयपुर चैप्टर रैंक- 2
मैं नियमित रूप से 10 से 12 घंटे पढ़ती थी लेकिन मुझे टीवी देखने का भी बेहद शौक है इसलिए अपना स्ट्रेस दूर करने के लिए पढ़ाई से ब्रेेक लेकर टीवी देखना कभी नहीं भूली। जहां तक पढ़ाई की बात है तो मैं तभी पढ़ाई करती थी जब मेरा मन होता था, कभी भी कोई शेड्यूल बनाकर पढ़ाई नहीं की। मेरा सपना कॉरपोरेट में जाने का है इसलिए मैंने सीएस करने के बारे में तभी सोच लिया था जब मैं स्कूल में थीं। मेरे घर में कोई भी इस प्रोफेशन में नहीं है ऐसे में मेरी इस सफलता से मुझसे कहीं अधिक मेरे पैरेंट्स खुश हैं।

विधि जैन (सीएस एग्जिक्यूटिव परीक्षा)
जयपुर चैप्टर रैंक- 3
मैंने अपनी स्टडी में समझने पर फोकस किया रटने पर नहीं क्योंकि एक बार अगर आप कुछ समझ जाते हैं तो उसे फिर कभी नहीं भूलते। जहां तक इस सफलता की बात है तो मुझे यकीन था कि मेरे अच्छे माक्र्स आएंगे। मुझे कॉरपोरेट की जगह लॉ में अधिक रुचि है यही सबसे बड़ी वजह थी कि मैंने सीएस करने का निर्णय लिया। एग्जिक्यूटिव के बाद अब पहले प्रोफेशनल पूरा करना है उसके बाद एमबीए करना मेरी प्राथमिकता है। मेरे दूसरे दोस्त जब एन्जॉय कर रहे होते हैं उस समय मैं पढ़ रही होती हूं लेकिन कोई बात नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि जब वह स्ट्रगल कर रहे होंगे तब हम अपनी लाइफ एंजॉय कर रहे होंगे क्योंकि एक बार जब सीएस के दो शब्द नाम के आगे लगते हैं तो उसकी बात ही कुछ और होती है।

संजना ममनानी (सीएस एग्जिक्यूटिव परीक्षा)
जयपुर चैप्टर रैंक- 2
मेरा मानना है कि रटने की जगह स्मार्ट स्टडी करनी चाहिए। मुझे लॉ पसंद है इसलिए मैंने सीएस करना पसंद किया। जहां तक पढ़ाई की बात हैं तो मैं हमेशा रात को ही पढ़ाई करती थी, रात तकरीबन 12 बजे से शुरू करती थी और सुबह आठ बजे तक पढ़ाई करती थी। मुझे मूवी देखना पसंद है, जब भी पढ़ाई से ब्रेक लेना होता था तो कुछ टाइम मूवी देखी फिर वापस से पढ़ाई करनी शुरू कर दी। पैरेंट्स ने मुझे हमेशा से ही बेहद सपोर्ट किया। मुझे अभी लॉ भी करना है,अभी सीएस प्रोफेशनल कर रही हूं।
