किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने केंद्र सरकार पर मूंग उत्पादक किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष की लागत के अनुसार मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 10,720 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए था लेकिन इस वर्ष इसे 8,558 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में मूंग पर 803 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जो इस वर्ष की अन्य उपजों की तुलना में सबसे अधिक है । इस बढ़ोतरी का लाभ किसानों को तभी प्राप्त हो सकता है,जब मूंग के दाने-दाने की खरीद गेहूं और धान की तरह हो। वर्तमान में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत मूंग के कुल उत्पादन में से 75 फीसदी उत्पाद न्यूनतम समर्थन मूल्य की परिधि से बाहर है। इस योजना के तहत मूंग के कुल उत्पादन में से 25 फीसदी से अधिक की खरीद प्रतिबंधित है जिसके चलते मूंग उत्पादक किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। देश के कुल उत्पादन में से आधा उत्पादन करने वाला राजस्थान इससे वंचित रहेगा। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव समाप्त होने पर ही मूंग उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन मिल पाएगा ।