
जयपुर। शहर में गहराती पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए जलदाय विभाग अब बूंद-बूंद पानी का हिसाब रखेगा। इसके लिए विभाग शहर में ऑनलाइन पेयजल मॉनिटरिंग शुरू कर पाइप लाइन, पंप हाउस सहित पेयजल आपूर्ति के नेटवर्क में स्काडा सिस्टम लगाएगा। योजना पर करीब 145 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
शहर में ऑनलाइन पेयजल सप्लाई के लिए जलदाय विभाग ने एनसीआर योजना के तहत 145.15 करोड़ रुपए के वर्क ऑडर जारी किए हैं। आगामी अप्रेल माह से योजना को मूर्तरूप देने का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। यह कार्य दो साल में मार्च 2018 तक पूरा कराना होगा। कार्य का ठेका इंडियन हयूम पाइप नाम की कम्पनी को दिया गया है। योजना के तहत अलवर शहर में 16 नई पानी की टंकी, 15 पानी स्टोरेज टैंक का निर्माण एवं 500 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन डाली जाएगी।
इन जगहों पर बनेगी नई पानी की टंकी
योजना के तहत जलदाय विभाग की ओर से मंशा देवी, मुंशी बाग, विकास पथ, स्कीम नम्बर दो एरोड्रम रोड, पहाडग़ंज, वीरसावरकर नगर, हसनखां मेवात नगर, बापू बाजार, एसएमडी सर्किल, कालाकुआं सेक्टर दो, साउथ वेस्ट ब्लॉक, सोनावा डूंगरी, सुभाष नगर, एनईबी विस्तार, लादिया व रूपबास क्षेत्र में पानी की नई टंकी का निर्माण कराया जाएगा।
पहली बार स्काडा सिस्टम का प्रयोग
बीसलपुर पेयजल परियोजना की तर्ज पर जलदाय विभाग की ओर से शहर में पहली बार पेयजल आपूर्ति की मॉनिटरिंग के लिए स्काडा सिस्टम लगाया जाएगा। अभी तक इस सिस्टम उपयोग जयपुर में बीसलपुर परियोजना में किया जा रहा था। इस नई तकनीक से जलदाय विभाग के पास पानी की बूंद-बूंद का हिसाब रह सकेगा। यानि शहर में पानी का कितना उत्पादन हुआ तथा किस क्षेत्र में कितनी मात्रा में पानी की सप्लाई की गई। योजना का कार्य पूरा होने पर दो साल बाद शहर में सभी उपभोक्ताओं को समान मात्रा में पानी मिल सकेगा।
क्या है स्काडा
यह पेयजल आपूर्ति मॉनिटरिंग का सिस्टम है। इसके तहत जलदाय विभाग को लैपटॉप व मोबाइल फोन पर प्रत्येक सेकण्ड पानी आपूर्ति की अपडेट मिल सकेगी। इस सिस्टम की मदद से किसी भी लाइन की सप्लाई ऑफिस में बैठकर बंद व शुरू की जा सकती है। यह सिस्टम जीपीएस सिस्टम की मदद से काम करेगा।