जयपुर। इस बार के चुनावों में निर्वाचन विभाग का पूरा ध्यान दिव्यांगजनों पर रहेगा। दिव्यांगों के लिए हर सुविधा का चुनाव में ध्यान रखा जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने कहा कि दिव्यांगजनों को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए क्लस्टर एप्रोच अपनाते हुए ऑन स्पॉट पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस किसी भी संस्था के साथ अधिक संख्या में पात्र दिव्यांगजन पंजीकृत हैं, वहां विभाग जिला प्रशासन की मदद से तुरंत पंजीकरण की व्यवस्था करवाएगा। आयोग नेत्रहीन दिव्यांगों के लिए ब्रेलयुक्त मतदाता पहचान पत्र बनाने पर भी काम कर रहा है।
भगत शासन सचिवालय में आयोजित विशेष योग्यजनों की निर्वाचन सहभागिता बढ़ाने के लिए हुई बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष 2018 को सुगम मतदान वर्ष घोषित किया गया है, ऐसे में आयोग और विभाग का सर्वाधिक प्रयास अधिक से अधिक दिव्यांगजनों की निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना रहेगा। उन्होंने कहा कि इस बार के चुनावों में दिव्यांगजनों को व्हील चेयर, वॉलेन्टियर, रैम्प की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
भगत ने कहा कि दिव्यांगजनों को मतदान केंद्र पर स्पेशल टॉयलेट, स्टैंडर्ड वोटिंग टेबल से लेकर अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नोडल ऑफिसर्स को चेकलिस्ट दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश भर के दिव्यांगजनों के शत-प्रतिशत पंजीकरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि कोई भी योग्य दिव्यांग मताधिकार से वंचित न रहे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम, निदेशालय विशेष के अतिरिक्त निदेशक अमिताभ कौशिक, उमंग संस्थान की निदेशक दीपक कालरा, फ्रीलांस डिसेबिलिटी एक्टिविस्ट प्रतीक अग्रवाल और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
14 विभाग के अधिकारियों की बैठक आज
चुनाव की पूर्व तैयारी एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम 6.30 बजे सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में अहम बैठक होगी। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के साथ प्रदेश के 14 विभागों के आला अधिकारी चर्चा करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने बताया कि बैठक में वित्त, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, परिवहन, नगरीय विकास एवं आवासन, गृह, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सूचना-प्रौद्योगिकी एवं संचार, सार्वजनिक निर्माण, शिक्षा, कार्मिक एवं राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और शासन सचिव स्तर के अधिकारी हिस्सा लेंगे और विभागों से संबंधित तैयारियों की जानकारी देंगे। गौरतलब है कि अधिकारियों से मिले फीडबैक के आधार पर ही भारत निर्वाचन आयोग आगामी विधानसभा चुनाव की तारीख तय करेगा।