
जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ यहां बुधवार को एक मस्जिद में ईद की नमाज के दौरान नारेबाजी की गई, उनके साथ धक्कामुक्की की गई और उन पर जूता फेंका गया। इमाम द्वारा हजरतबल दरगाह में ईद की नमाज शुरू कराए जाने से पहले ही अब्दुल्ला को अपने खिलाफ नारेबाजी का सामना करना पड़ा।इस घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से हमें घबड़ाने की जरूरत नहीं है। अब्दुल्ला ने कहा, ‘यह वक्त एकजुट होने का है।’एक युवा ने फारूक पर जूता फेंका जबकि अन्य युवाओं ने उन्हें जूते दिखाए। इस दौरान एनसी नेता के खिलाफ नारेबाजी की गई। इससे मस्जिद में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते फारूक को मजबूरन नमाज स्थल से वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए दिल्ली में आयोजित प्रार्थना सभा में अब्दुल्ला द्वारा ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ का नारा लगाए जाने पर लोग नाराज थे। सोमवार को आयोजित इस प्रार्थना सभा में सभी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।फारूक ने प्रार्थना सभा में कहा, ‘अगर अटल को याद रखना है तो उस देश को बनाओ जिसमें प्रेम इतना हो कि दुनिया झुकने आ जाए इस देश के सामने, कि ये देश है जो प्रेम बांटता है। वो प्रेम बांटिए, वही हमारी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। मुबारक इस धरती को जिसने अटल को पैदा किया। मैं खुशी से ये कहता हूं। मुझे भी उसने एक वक्त दिया। मैं भी इस आदमी को समझ सका।’उन्होंने कहा, ‘अल्लाह से यही दुआ करता हूं। मरते दम तक, जब तक जिंदा हूं उन्हीं के रास्ते पर चल के इस देश को इतना मजबूत बनाऊं कि कोई इस देश को हिला नहीं सके। अपने संबोधन के अंत में फारूक अब्दुल्ला ने वहां उपस्थित लोगों से कहा, मेरा साथ एक नारा दीजिए और हाथ उठा के नारा दीजिए। भारत माता की जय। जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद।’इस प्रार्थना सभा में फारूक ने पूर्व प्रधानमंत्री की प्रशंसा की थी। फारूक ने कहा था, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हुकूमत ‘सभी के दिलों पर थी’। दरगाह में फारूक के साथ धक्का-मुक्की के वीडियो में लोगों को मस्जिद परिसर से फारूक को हटाए जाने की बात कहते हुए सुना जा सकता है। अब्दुल्ला वहां से जैसे ही जाने के लिए उठे, नारेबाजी कर रहे कुछ लोगों ने अपने जूते हाथ में ले लिए और ‘शर्म करो’, ‘शर्म करो’ और ‘आजादी’ के नारे लगाए।इस मामले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वो किसी डरने वाले नहीं हैं। अगर कोई समझता है कि आजादी इस तरह से आएगी तो वो उनका कहना चाहते हैं कि पहले बेगारी, भूखमरी और बीमारी से आजादी पाओ।फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज समय की पुकार ये है कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के माहौल में बातचीत होनी चाहिए। आज समय की पुकार ये है कि नफरत को एक किनारे किया जाए। ये देश, हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों और ईसाईयों का है। यहां पर किसी खास विचारधारा को आगे बढ़ाकर हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं। समाज के सभी लोगों और विचारधारा वाले समूहों को छोटी छोटी बातों से बचना चाहिए।