
Jaipur में बुधवार को जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में संस्कृत दिवस के तहत संस्कृत सेवा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी रहे।
आज भी वही ग्रंथ उपलब्ध , पर अब वैसा आकर्षण क्यों नहीं?
इस अवसर पर कोठारी ने कहा कि प्राचीन काल में नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालयों में हजारों छात्र विदेशों से पढ़ने आते थे। आज भी वही ग्रंथ उपलब्ध हैं, पर अब वैसा आकर्षण क्यों नहीं? इसका कारण है ज्ञान का विज्ञान भाव से अभिव्यक्त न हो पाना। समारोह की अध्यक्षता करते विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे ने की।
संस्कृत सेवा सम्मान’ प्रदान किया
समारोह में प्रो. अर्चना भार्गव (अध्यक्ष – संस्कृत विभाग, सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, अजमेर), डॉ. अशोक कुमार झा (सह आचार्य, राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, महापुरा), डॉ. मधुबाला शर्मा (अध्यक्ष – साहित्य विभाग, जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर) और डॉ. विजय कुमार दाधीच (सहायक आचार्य – शिक्षा विभाग, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) को ‘संस्कृत सेवा सम्मान’ प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट कार्य के लिए उप कुलसचिव डॉ. सुभाष शर्मा का भी सम्मान किया गया। समारोह का संचालन शास्त्री कोसलेंद्रदास ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक डॉ. देवेंद्र कुमार ने किया। मंगलाचरण डॉ. नारायण होसमने और संस्कृत दिवस समारोह की जानकारी डॉ. राजधर मिश्र ने दी।
Jaipur के जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में “संस्कृत सेवा सम्मान समारोह”