जयपुर। जयपुर समेत प्रदेशभर में वायु प्रदूषण एक मुख्य समस्या बनकर उभर रहा है। इस पर रोकथाम लगाने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंंडल तमाम राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण मंडलों से प्रदूषण को दूषित करने वाले कारकों पर रोक लगाने के लिए रिपोर्ट तलब करने के साथ ही नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। स्वच्छ वायु कार्यक्रम एवं ठोस कचरा प्रबंधन के तहत संचालित योजनाओं व कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल वायु प्रदूषण को लेकर अगले महीने दोनों नगर निगम,जेडीए, जिला प्रशासन से सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने पर जोर देगा।
हर कार्य होगा आंकलन
हरियाली को बढ़ावा देने के साथ ही अन्य नवाचार जिलों में किए जाएंगे। जगह—जगह भीड़भाड़ या प्रदूषण वाली जगहों पर पौधे लगाने के साथ ही जागरूकता फैलाई जाएगी। ताकि दिल्ली-एनसीआर जैसी स्थिति प्रदेश में न हो। सडक़ों के मरम्मत कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने पर जेडीए, निगम के अधिकारियों से चर्चा की गई। इससे धूल के कण जैसी समस्या से निजात मिल सके। अब पूरे अभियान को शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक के स्तर के सुधार के लिए साप्ताहिक, मासिक, वार्षिक तुलनात्मक आकंलन करने, मरम्मत की जा रही सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा।
स्तर को जांचने का बढ़ेगा दायरा
राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर की आबोहवा की गुण्वत्ता जांचने के लिए वायु गुण्वत्ता सूचकांक का स्तर मापने का दायरा अब ओर बढ़ेगा। वर्तमान समय की बात की जाए तो प्रदेश में सात शहरों में आठ जगहों पर ही वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर जांचने के लिए स्टेशन हैं। इस साल के मध्य तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से 40 ओर स्टेशन विभिन्न शहरों में लगाए जाएंगे। पूर्व पर्यावरणविद डॉ.विजय सिंघल ने बताया कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर कम से कम साधनों का उपयोग ताकि पीएम 2.5 की मात्रा का स्तर ना बढ़े।