जयपुर। विश्व संगीत दिवस के अवसर पर जवाहर कला केन्द्र की ओर से आयोजित मधुरम् कार्यक्रम का गुरुवार को संगीत की मधुरता के साथ समापन हुआ। नव को पहचान, अनुभव को सम्मान के उद्देश्य के साथ ‘कला संसार’ के तहत हुए कार्यक्रम के दूसरे दिन जोधपुर के नावेद नवाब खान के संतूर वादन व जूनियर समर कैंप में प्रशिक्षित बच्चों की प्रस्तुतियों में वादन व नृत्य का संगम दिखा। नावेद ने संतूर पर राग हंसध्वनि पेश की। आलाप, मध्य लय की गत, एक ताल में बंदिश के साथ उन्होंने प्रस्तुति को आगे बढ़ाया। इसके बाद द्रुत लय में ताल तीन ताल में झाले के साथ अपनी प्रस्तुति को विराम दिया। अकबर हुसैन ने तबले पर संगत की।
इसके बाद जूनियर समर कैंप में प्रशिक्षित प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। बच्चों ने गिटार पर फिल्मी गीतों की धुन बजाई। अपने इंस्ट्रक्टर पवन गोस्वामी के साथ उन्होंने ‘चुरा लिया’, ‘है अपना दिल तो आंवारा’ जैसे गीतों की धुन बजाई। ढोलक पर पवन डांगी व तबले पर दिनेश खींची ने संगत की। 45 वर्षों से संगीत साधना कर रहे शेर मोहम्मद ने भी पियानो अकॉर्डियन पर ‘आजा सनम मधुर चांदनी मन’ सरीखे गीत बजाए। वरिष्ठ कलाकार शेर मोहम्मद ने कैंप में बच्चों को सिंथेसाइजर का प्रशिक्षण भी दिया था।
भरतनाट्यम की शुरुआत रूद्रम से की गई, जिसमें शिव द्वारा किए रुद्र तांडव को जीवंत कर नटराज की आराधना की गई। कलाकारों ने देवी की उपासना पर एक श्लोक प्रस्तुत किया, इसके साथ ही धनाश्री तिल्लाना, एक शुद्ध नृत्त पक्ष का मंचन हुआ। कथक प्रस्तुति में बच्चों ने कृष्ण श्लोक, तीन ताल में तोड़े, तुकड़े, आमद, तत्कार, तिहाई, पं. नारायण प्रसाद की पारंपरिक कवित्त पेश की। अभिनय पक्ष में ‘माखन चौरी’ का दृश्य भी साकार किया। पखावज पर दिनेश बानेठ, सारंगी पर अमीरुद्दीन खान ने संगत की। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन सुनीता गहलोत, जवाहर कला केंद्र की अतिरिक्त महानिदेशक प्रियंका जोधावत समेत कई गणमान्य लोगों ने किया।