जयपुर। चांदपोल बाजार स्थित ठिकाना मन्दिरश्री रामचंद्रजी में चल रहे 9 दिवसीय श्रीराम जन्मोत्सव में रविवार को सीता स्वयंवर प्रसंग साकार किया गया। श्रीराम लीला के दौरान पुष्प वाटिका, जनक दरबार, धनुष भंग प्रसंगों को साकार किया गया।
प्रसंग यह रहा कि राम और लखन गुरु विश्वामित्र जी के साथ जनकपुर में धनुष देखने जाते है। जैसे ही वो जनकपुर पहुंचते है, वहां के नर—नारी उनकी सुंदरता देख कर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। सब लोगों में यह बात फैल जाती है कि यह दोनों राजकुमार कौन हैं। गुरु से आज्ञा लेकर रामजी पुष्प वाटिका में फूल तोड़ने जाते है, जहां माली उनको कहता है कि यहां जनक नंदनी की जय बोलो उसके बाद ही फूल तोड़ने की अनुमति मिलेगी।
इस बीच सीताजी गौरी पूजन को जाती है, तब रामजी को देख कर गौरी माता से अपने पसंद का वर मिलने का आशीर्वाद मांगती है। इसके बाद धनुष यज्ञ का कार्यक्रम हुआ, इसमे बड़े बड़े राजा शामिल हुए। गुरु की आज्ञा के बाद श्रीराम ने धनुष भंग कर दिया। पुष्प वर्षा के बाद सीताजी ने उनके गले में जय माला पहनाई।
महंत नरेंद्र तिवाड़ी ने बताया 28 व 29 मार्च को रामनवमी की पूर्व संध्या पर विशेष झांकी सजाई जाएगी। 28 मार्च को भक्तमाल कथा होगी।