कला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध पिंकसिटी में दूसरे राज्यों के नामचीन कलाकार आकर जयपुरवासियों से रूबरू हो रहे है। जवाहर कला केंद्र ( jawahar kala kendra ) में शुरू हुए नेशनल आर्ट एंड क्रॉफ्ट सिल्क एक्सपो ( Art and Culture ) में कुछ ऐसा ही दृश्य नजर आ रहा है। यहां पर विभिन्न राज्यों के 9 राष्ट्रीय अवार्ड और 17 राज्य अवॉर्ड प्राप्त कलाकार शामिल हुए है। अपने हस्तशिल्प और हथकरघा कला का प्रदर्शन करने के साथ-साथ जयपुरवासियों को कला के बारे में जानकारी भी दे रहे है।
इस सत्रह दिवसीय एक्सपो में जहां नागालैंड ( Nagaland ) के ड्राय फ्लॉवर आकर्षण का केंद्र बने है तो 50 हजार रुपए से अधिक मूल्य की साडिय़ों महिलाओं के लिए केंद्र बनी हुई है। यहां पर केरला कॉटन पर हैंड पेंटिंग की साडिय़ां केरल की संस्कृति को बयां करती नजर आई है। सिल्क पर जामदानी का भी खूबसूरत काम देखने को मिला। यहां पर बनारस के कलाकार संतोष सिंह का हैंड पेंटिंग ड्रेस मैटेरियल में ऊंटों के साथ राजस्थान के रेगिस्तान में ग्रामीणों को दिखाया गया है। वहीं, कृष्ण और गौतम बुद्ध के चेहरों की भावनाओं को प्रदर्शित किया गया।
एक्सपो के आयोजक आशीष गुप्ता ने बताया कि कई कलाएं विलुप्त होती जा रही है। हमारा प्रयास है कि ऐसी कला और कलाकारों को मंच दिया जाए। यहां पर देश भर से हस्तशिल्प कलाकार आए है। वे सीधे जनता से मिल रहे है।
कांचीपुरम के राणा कांजीवरम की रियल सिल्वर जरी की साडिय़ां भी है। इनकी खास बात है कि इन्हें ज्वैलरी बॉक्स में भी रखा जा सकता है। यहां पर ऐसी साडिय़ां भी है, जिन्हें बनाने में डेढ़ से दो साल तक का समय लगा। इस एक्सपो में क्राफ्ट का भी अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला। लकडिय़ों को तराश कर फूलों का आकार भी लोगों को भाया। साथ ही बांस का फर्नीचर, जरदोसी वर्क लेदर की जूतियां, जूट के झूले, भैरवगढ़ का प्रिंट, नीमच तारापुर का दाबू प्रिंट, चंदेरी साडिय़ां, कॉटन के सूट, सिल्क की साडिय़ां भी प्रदर्शित है।