
– थोक मंडी में सब्जियों को नही मिल रहे खरीदार
– गोभी, गाजर, मूली के भाव हो रहे कम
जयपुर-लालसोट। आम तौर पर हम सब सब्जियों के बढते दामों के चलते रसोई का बजट बिगडऩे की खबरें सुनते रहते है, लेकिन इन दिनों दौसा जिले की लालसोट शहर की थोक सब्जी मंडी से हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां सब्जियों की बंपर आवक हो रही है, जिन सब्जियों के दाम कुछ दिनों पहले तक 100 रुपए प्रति किलो तक थे। अब इन सब्जियों को कोई खरीदार नहीं मिल रहे है और बड़ी उम्मीदें लगा कर मेहनत से पैदा की गई सब्जियों को किसान अपने ही हाथों से मंडी में ही गौ वंश को खिलाने पर मजबूर हो रहे है।
लालसोट की थोक सब्जी मंडी में बीते एक सप्ताह से गोभी, मूली, गाजर, टमाटर, पालक समेत कई सब्जियों की आवक एक साथ कई गुना बढ गई है, लेकिन मंडी में खेरुजविक्रेताओंं की ग्राहकी कम होने से प्रतिदिन ये सब्जियां औने पौने दामों में ही बिक रही है और कई बार तो बड़ी मात्रा में गोभी, मूली एवं पालक तो बिना बिके ही रह जाती है, जिन्हें बाद में किसान बेहद दुखी मन से गौ वंश को डाल देते है और मायूस हो कर अपने किस्मत को कोसते हुए घर के लिए लौट जाते है। थोक सब्जी मंडी में प्रतिदिन गोभी की एक हजार थैली यानी 20 हजार किलो गोभी बिकने पहुंच रही है, लेकिन इस अनुपात में ग्राहक कई गुना कम पहुंच रहे है, जिससे मंडी में गोभी 2 रुपए किलों में भी नही बिक रही है। यही हाल टमाटर का है, 25 किलो का एक कैरेट 100 रुपए में भी नहीं बिक रहा है, किसान को 3 से 4 रुपए प्रति किलो के दाम ही मिल पा रहे है। मूली और पालक की डिमांड लगभग खत्म हो चुकी है और इन्हें तो 1 रुपए प्रति किलो में भी खरीदार नहीं मिल रहे है। कुछ दिनों पहले तक 200 और 300 रुपए किलों के दाम पर बिकने वाला हरा धनिया 10 रुपए किलो ही बिक रहा है। इसके अलावा गाजर 4 से 5 रुपए, पत्ता गोभी 5 रुपए किलो, लोकी 3 से 4 रुपए किलो, आंवला 5 रुपए किलो के दाम पर ही बिक रहे है।
किसानों व आढतियों का कहना है कि मकर संक्रांति बाद एक साथ मौसम में बलदाव के साथ गोभी, टमाटर समेत कई सब्जियों की बाड़ी एक साथ फल लग गया है, अगर ठंडक बरकारर रहती तो धीरे-धीरे पैदा होती, लेकिन आसमान में बादल छाने से तापमन बढ़ते ही एक साथ सब्जियों की पैदावर हो गई है, ग्राहकी नहीं होने से मुनाफा तो दूर लागत व मजदूरी भी उन्हें नहीं मिल रही है।