जयपुर की मनसा माता मंदिर का इतिहास रोचक है। पुजारी बताते हैं कि पूर्व महाराजा मानसिंह प्रथम ने इस मंदिर में जयगढ़ पर विजय की मन्नत मांगी वह पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने जसोल से शिला माता को यहां लाने की मन्नत मांगी जो भी पूरी हुई। शिला माता को आमेर में प्रतिष्ठित किया गया। महाराजा की मन की इच्छा यानी मन्नत पूरी होने के कारण ही इस मंदिर का नाम मनसा माता हुआ। पहले इसे अम्बा माता मंदिर कहा जाता था।