
एसीबी कार्यालय। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपए की परियोजनाओं में फर्जी बिडिंग कैपेसिटी, झूठे शपथ पत्र और अधूरे कार्यों को पूरा बताकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में एसीबी ने पीएचईडी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों में एक अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुका है।
यह कार्रवाई जलदाय विभाग की स्पेशल प्रोजेक्ट शाखा से जुड़े टेंडरों में बड़े स्तर पर मिलीभगत और पद के दुरुपयोग की पुष्टि के बाद की गई है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि जयपुर के मानसरोवर निवासी जितेन्द्र शर्मा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हैदराबाद की एक फर्म ने जेजेएम के तहत पांच बड़े प्रोजेक्ट्स के टेंडरों में अपनी बिडिंग कैपेसिटी बढ़ाकर दिखाने के लिए झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत किए।
इसके लिए चंबल-भीलवाड़ा वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट फेज-2, पैकेज-3 (वर्क ऑर्डर राशि लगभग 187.33 करोड़ रुपए) के अधूरे कार्य को पूर्ण बताया गया, जबकि मौके पर अब भी कई गांवों में कमीशनिंग और स्काडा का कार्य अधूरा था।
1. दिनेश गोयल (हथरोई फोर्ट निवासी), तत्कालीन सीई (स्पेशल प्रोजेक्ट), पीएचईडी, वर्तमान में सीई (प्रशासन), पीएचईडी, जयपुर
2. महेंद्र प्रकाश सोनी (महारानी फार्म निवासी), तत्कालीन एसई, प्रोजेक्ट अजमेर (अतिरिक्त चार्ज), वर्तमान में सेवानिवृत्त
3. सिद्धार्थ टांक (अजमेर में पुरानी मंडी निवासी), अधिशासी अभियंता, पीएचईडी, परियोजना खंड-मांडल, भीलवाड़ा
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Updated on:
14 Jan 2026 10:29 am
Published on:
14 Jan 2026 10:29 am
