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MNIT 15th convocation- देश की तरक्की के लिए करें अपनी स्किल का उपयोग: प्रधान

MNIT 15th convocation- केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि विद्यार्थियों को अपनी नॉलेज और स्किल का उपयोग देश की तरक्की के लिए करना चाहिए। सोमवार को एमएनआईटी के 15वें दीक्षांत समारोह में डिग्री और गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि आज उनके जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है, वह अपनी नॉलेज और स्किल का उपयोग देश की तरक्की में करें जिससे आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया जा सकता है।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Oct 11, 2021


एमएनआईटी ने सेलिब्रेट किया 15वां दीक्षांत समारोह

कोरोना के चलते हाईब्रिड मोड पर हुआ समारोह
2 हजार 506 स्टूडेंट्स को दी गई डिग्री
डिग्री प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या इस साल 633
दीक्षांत समारोह में 75 स्टूडेंट्स को दिए गए गोल्ड मेडल, 40 छात्राएं शामिल

MNIT 15th convocation– केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि विद्यार्थियों को अपनी नॉलेज और स्किल का उपयोग देश की तरक्की के लिए करना चाहिए। सोमवार को एमएनआईटी के 15वें दीक्षांत समारोह में डिग्री और गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि आज उनके जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है, वह अपनी नॉलेज और स्किल का उपयोग देश की तरक्की में करें जिससे आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया जा सकता है।
गौरतलब है कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना करते हुए सोमवार को एमएनआइटी ने अपने 15वें दीक्षांत समारोह का आयोजन हाईब्रिड मोड में किया। समारोह में 75 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल और तकरीबन 2 हजार 506 स्टूडेंट्स को वचुर्अल रूप से डिग्री प्रदान की गई। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेद्र प्रधान और विशिष्ट अतिथि के रूप में डीआरडीओ निदेशक जी सतीश रेड्डी वचुर्अल रूप से शामिल हुए। जिन 75 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए गए उसमें 40 छात्राएं शामिल थीं।
नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दे संस्थान: रेड्डी
वहीं डीआरडीओ के निदेशक जी सतीश रेड्डी ने डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि यह उनके जीवन एक महत्वपूर्ण अध्याय है। एमएनआईटी खुद को इस देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक रूप में प्रतिष्ठित कर रहा है। हम सभी को मिलकर शक्तिशाली भारत का निर्माण की दिशा में काम करना है। उनका कहना था कि डीआरडीओ अपने कार्यक्रमोंए डीटीडीएफ और डेयर टू ड्रीम कार्यक्रम के माध्यम से स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रहा है और अब शैक्षणिक संस्थानों को नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला केंद्र बनना चाहिए।
इससे पूर्व एमएनआईटी के निदेशक प्रो. उदयकुमार आर योरागट्टी ने संस्थान की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में इंस्टीट्यूट्स के बोर्ड ऑफ गर्वेंनेंस, फैकल्टी मेंबर्स और स्टाफ के साथ ही एलुमिनाई भी शामिल हुए। इस दौरान बीटेक, एमटेक, एम प्लानिंग, एमबीए,एमएससी और पीएचडी के स्टूडेंट्स को डिग्री दी गई।
इन स्टूडेंट्स को दी गई डिग्री
समारोह का आयोजन कोविड प्रोटोकाल की पालना करते हुए हाईब्रिड मोड में किया गया था, ऐसे में स्टूडेंट्स अपने घरों से समारोह में ऑनलाइन शामिल हुए जबकि एमएनआईटी स्टाफ परिसर में ऑफलाइन मोड में उनसे जुड़ा। कैम्पस में एकमात्र स्टूडेंट को कन्वोकेशन ऑथ के लिए बुलाया गया था।
एकेडमिक सेशन 2019-20 के कुल 1175 स्टूडेंट्स को डिग्री प्रदान की गई। इसमें से 633 स्टूडेंट्स को बीटेक, 47 को बी आर्कीटेक्चर, 292 को एमटेक और 17 को मास्टर ऑफ प्लानिंग की डिग्री दी गई। इसी तरह 67 विद्यार्थियों को फिजिक्स, कैमेस्ट्री और मैथ्स में एमएससी की डिग्री और 43 एमबीए की डिग्री दीक्षांत समारोह में दी गई। 76 रिसर्च स्कॉलर्स को पीएचडी की डिग्री भी दी गई।
इसी तरह सत्र 2020-21 के कुल 1331 स्टूडेंट्स को दीक्षांत समारोह में डिग्री दी गई। इनमें बीटेक के 655, बी-आर्कीटेक्चर के 54, एमटेक के 407, मास्टर ऑफ प्लानिंग के 18 स्टूडेंट्स के साथ ही फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स में एमएससी के 87 स्टूडेंट्स शामिल थे। एमबीए के 51 स्टूडेंट्स और 59 रिसर्च स्कॉलर्स को पीएचडी की उपाधि भी दी गई। दीक्षांत समारेाह में सत्र 2019-20 और 2020-21 के बीटेक, एमटेक, एमप्लानिंग, एमबीए और एमएससी कोर्सेज के टॉपर्स को गोल्ड मेडल भी दिए गए।