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अकाल की आहट के बीच कहां खेतों में लहलहा रहा सफेद सोना, अच्छे भाव मिले तो कपास किसानों की होगी बल्ले—बल्ले

हनुमानगढ़ जिले के कपास के खेत से देखिए लाइव रिपोर्ट

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जयपुर

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Pawan kumar

Sep 07, 2018

जयपुर। राजस्थान में मॉनसूनी बरसात ने रेगिस्तानी इलाके मारवाड़, शेखावाटी और धान का कटोरा कहे जाने वाले श्रीगंगानगर—हनुमानगढ़ जिलों के ज्यादातर इलाकों को निराश किया है। रेगिस्तानी जिलों में तो अकाल के हालात बनने की आशंका भी जताई जा रही है। इस बीच अच्छी खबर ये है कि सिंचाई सुविधा वाले कपास उत्पादक श्रीगंगानगर—हनुमानगढ़ जिलों में अमेरिकी कॉटन (नरमा) की बम्पर फसल होने की उम्मीद है। सिंचाई सुविधा के साथ जिन इलाकों में अच्छी बरसात हुई है, वहां पर खेतों में कपास की फसल लहलहा रही है। किसान इस बार 30 से 32 क्विंटल प्रति हैक्टेयर कपास उत्पादन की बात कह रहे हैं। जबकि औसतन कपास उत्पादन 20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक रहता है। इस बार 50 फीसदी ज्यादा उत्पादन के साथ यदि किसानों को कपास के अच्छे भाव मिल गए तो उनकी बल्ले—बल्ले हो जाएगी।