
जयपुर. दिगम्बर जैन धर्मावलंबी दस लक्षण महापर्व के तहत बुधवार को क्षमा पर्व पड़वा ढोक मना रहे हैं। समाजबंधुओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर, पैरों को छूकर सभी राग-द्वेष मिटाने के लिए, जाने-अनजाने में की गई भूल-चूक के लिए क्षमा के भावों को धारण कर खोपरा-मिश्री खिलाते हुए एक-दूसरे से क्षमा याचना की।
अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि शहर के 250 से अधिक दिगम्बर जैन मंदिरों में षोडशकारण समापन पर पढ़वा ढोक पर्व मनाया जा रहा है। शाम को षोडशकारण समापन पर श्रीजी के कलशाभिषेक होंगे। इसके बाद श्रीजी की महाआरती की जाएगी। इसके बाद मंदिरों के बाहर पड़वा ढोक क्षमा वाणी पर्व मनाया जाएगा। बड़ों के चरण छूकर और बराबर वाले आपस में गले मिलकर एक दूसरे से गत वर्ष की भूलों व गलतियों के लिए आपस में खोपरा मिश्री खिलाकर क्षमा याचना करेंगे।
शोभायात्रा निकाली
सूर्य नगर तारों की कूट पर दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिन के उपवास करने वाले त्यागी व्रतियों का अभिनंदन किया गया। राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद कोटखावदा ने बताया कि इस मौके पर दस दिन के उपवास करने वाली तपस्वी प्रमिला पाटनी को बग्घी में बैठाकर बैण्ड बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इस मौके पर नीरु छाबड़ा, दीपिका जैन कोटखावदा, मुकेश चांदवाड, पंकज पाण्डया समेत समाज के लोग शामिल हुए।