
पचपदरा रिफाइनरी। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। पचपदरा रिफाइनरी से इसी महीने डीजल उत्पादन शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार की कोशिश है कि रिफाइनरी में तैयार होने वाले डीजल, पेट्रोल और एलपीजी जैसे उत्पादों का अधिकतम उपयोग राजस्थान में ही हो, ताकि प्रदेश में निवेश बढ़े, रोजगार के नए अवसर पैदा हों और राजस्व में भी वृद्धि हो सके। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को रिफाइनरी उत्पादों के विपणन को लेकर विभिन्न विभागों और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचपीआरएल) के अधिकारियों की बैठक में यह बात कही।
यह वीडियो भी देखें
उन्होंने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश की महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसमें राज्य सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिफाइनरी शुरू होने के बाद सबसे पहले डीजल और एलपीजी का उत्पादन होगा। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी से प्रतिवर्ष लगभग 40 लाख मीट्रिक टन डीजल का उत्पादन होने का अनुमान है। ऐसे में राज्य के भीतर ही इन उत्पादों के उपयोग और विपणन की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम प्रदेशभर में अपने नए ईंधन आउटलेट शुरू करेगा। साथ ही रोडवेज, पुलिस, कारागार, पर्यटन विभाग, स्टेट मोटर गैराज और जिला कलक्टर कार्यालयों के वाहन बेड़ों की ईंधन जरूरतों को भी रिफाइनरी के उत्पादों से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने बताया कि रिफाइनरी पूरी क्षमता से संचालित होने पर हर साल 40 लाख टन डीजल, 10 लाख टन पेट्रोल और 10 लाख टन पॉलीप्रोपलीन का उत्पादन करेगी।
इसके अलावा एलएलडीपीई, एचडीपीई, ब्यूटाडाइन, बेंजीन, टोल्यूइन और सल्फर जैसे औद्योगिक उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की ओर से राजस्थान में करीब 300 ईंधन वितरण केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। इसके लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
बैठक में यह भी बताया गया कि रिफाइनरी परिसर में सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि रिफाइनरी के पूर्ण रूप से शुरू होने के बाद राजस्थान में पेट्रोलियम आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। रोजगार सृजन के साथ-साथ परिवहन, उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
Updated on:
10 Jun 2026 05:33 pm
Published on:
10 Jun 2026 05:30 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
