13 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर

Russia-Ukraine war : नौकरी का वादा, मौत का सौदा…धोखे से युद्ध में धेकेले गए राजस्थान के युवा, वीडियो में पीड़ितों ने साझा किया दर्द

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2025 तक 127 भारतीय रूस की सेना में भर्ती किए गए। इनमें से 98 को कूटनीतिक प्रयासों से छुड़ाया गया, जबकि 12 की मौत हो चुकी है, 16 लापता हैं और 13 अभी भी मोर्चे पर फंसे हैं।

Google source verification

जयपुर

image

Savita Vyas

Sep 17, 2025

जयपुर। रूस-यूक्रेन युद्ध की आग में अब भारतीय युवा भी झुलस रहे हैं। बेहतर भविष्य की तलाश में रूस गए राजस्थान के कई नौजवानों को धोखे से युद्ध में धकेल दिया गया है। पत्रिका ने जब पीडि़त परिवारों से बात की तो परिजनों ने नम आंखों से कहा अब तो एक ही दुआ है वो सही सलामत घर लौट आएं। सीकर के दीपपुरा राजाजी निवासी संदीप सुंडा, जो 3 फरवरी 2025 को स्टडी वीजा पर मॉस्को गए थे, अब महीनों से लापता हैं। शादी को एक साल भी पूरा नहीं हुआ और परिवार इंतजार में एक—एक दिन गिन रहा है। संदीप ने आखिरी वीडियो में रोते हुए कहा कि वह हथियार चलाना नहीं जानता, लेकिन मजबूरी में जंग लड़ रहा है। सीकर सांसद अमराराम ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी दूतावास से गुहार लगाई है, जहां से कार्रवाई का भरोसा मिला है।

इसी तरह डीडवाना के नेमाराम गोलीबारी में घायल हो गए, जबकि हरियाणा के अंकित जांगड़ा ने वीडियो संदेश में बताया कि नौकरी का झांसा देकर उन्हें युद्ध क्षेत्र भेजा गया और वापसी मांगने पर ’मरो या मारो’ की धमकी मिली। बीकानेर के अजय कुमार गोदारा की मां कलावती का हाल बेहाल है। अजय ने खुलासा किया कि उसे एक महिला एजेंट ने धोखे से कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाकर यूक्रेन बॉर्डर पर भेज दिया। हवाई हमले में उसके साथी मारे गए और वह अब जिंदगी की भीख मांग रहा है। उपप्रवासी संरक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि इन हालातों पर विदेश मंत्रालय सख्त नजर रखे हुए है। केरल के बाद राजस्थान से भी सामने आए मामलों पर केंद्र सरकार ने रूसी अधिकारियों से बात की है और प्रभावित युवाओं की सुरक्षित वापसी का भरोसा दिलाया है।