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निजीकरण के खिलाफ रेल कर्मियों की हुंकार
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निजीकरण के खिलाफ रेल कर्मियों की हुंकार

हजारों रेलकर्मी एक साथ बोले, नहीं होने देंगे रेलवे के टुकड़े

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जयपुर

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Mohan Murari

Nov 02, 2018

एआईआरएफ के अध्यक्ष बोले: 20 नवंबर तक फैसला कर ले सरकार, इसके बाद हम करेंगे तय


जयपुर/कोटा। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के 94वें वार्षिक अधिवेशन में देशभर से जुटे हजारों रेलकर्मियों ने एक सुर में रेलवे के निजीकरण की कोशिशों का खुला विरोध किया। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस बाबत 20 नवम्बर तक फैसला कर ले, नहीं तो इसके बाद रेल कर्मचारी फैसला लेने को मजबूर होंगे। कोटा रेलवे स्टेडियम में आयोजित अधिवेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एआईआरएफ के अध्यक्ष रखालदास गुप्ता ने कहा, रेलवे के निजीकरण की कोशिशों के विरोध के साथ ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने समेत तमाम मांगें हम सरकार के समक्ष सभी मंचों पर उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके चलते 45 दिन का नोटिस तक देना पड़ा। इस नोटिस की मियाद 20 नवम्बर को पूरी होने वाली है। तब तक सरकार सभी मांगों को पूरा करने का फैसला कर ले। यदि इसके बाद भी रेलकर्मियों की आवाज को अनसुना करने की कोशिश की गई तो पूरे देश के रेलकर्मी वर्क टू रूल हड़ताल पर जाने का मजबूर हो जाएंगे।