
Solar Power King Rajasthan ! सौर ऊर्जा के विस्तार में राजस्थान देश में नंबर वन बन गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक देश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 1,50,260 मेगावाट हो गई है, जिसमें राजस्थान का योगदान करीब 27 प्रतिशत रहा। इस मामले में गुजरात दूसरे स्थान पर रहा, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत है। राजस्थान और गुजरात ने मिलकर देश की कुल सौर क्षमता में करीब 47 प्रतिशत का योगदान दिया है। इस उपलब्धि के बीच राजस्थान को एक बड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ रहा है। प्रदेश में ट्रांसमिशन क्षमता की कमी के कारण हर दिन 1500 से 2000 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग नहीं हो पा रहा। राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन के पास नए सौर प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 40,000 मेगावाट के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार अगले 6 माह में करीब 3,000 मेगावाट की नई सौर परियोजनाएं चालू होने की उम्मीद है। पवन ऊर्जा में गुजरात बढ़त बनाए हुए है। वर्ष 2025-26 तक राजस्थान की पवन ऊर्जा क्षमता 5,349 मेगावाट, जबकि गुजरात की 15,642 मेगावाट रही। रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में भी गुजरात शीर्ष पर है।