– उत्तरी हवाओं के जोर से और बढ़ेगा सर्दी का सितम
– प्रदेश के कई जिलों में कोहरे का प्रभाव
जयपुर। दिसंबर के 11 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में कड़ाके की सर्दी ने प्रदेश में अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। तेज सर्दी व गलन से लोग कांपते हुए नजर आ रहे हैं। सर्दी का सितम बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने लगी है और लोगों की सुबह अब देर से होने लगी हैं। वहीं जयपुर के नजदीक दौसा जिले में आज सवेरे ग्रामीण अंचल में पेड़ों पर बर्फ की बूंदें जमी हुई नजर आई। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हवाओं के जोर से प्रदेश में सर्दी का सितम बढ़ा रह है। आने वाले दिनों में सर्दी और तेज पड़ने की संभावना है।
राजधानी में धूप के साथ तेज सर्दी
राजधानी जयपुर में सर्दी का सितम तेज हो गया है। आज सवेरे तेज सर्दी से लोगों की सुबह देर से हुई। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए। राजधानी जयपुर का पारा आज सुबह तापमान 8 डिग्री रेकॉर्ड किया गया। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी सर्दी का सितम तेज हो गया है। वहीं सरहदी जिलों में श्रीगंगागनर व हनुमानगढ़ में भी सर्दी का सितम तेज नजर आ रहा है। वहीं शेखावाटी अंचल में सर्द गलन से लोग जूझते हुए नजर आए।
दौसा जिले में खेतों में जमी बर्फ की बूंदें
दौसा जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार सुबह के तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई।
दिन के रात्रि के समय चली शीतलहर के चलते बुधवार सुबह का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब चार डिग्री पहुंच गया। इसके चलते सुबह के समय फसलों पर गिरने वाली उसकी बंदे सफेद परत के रूप में जमी हुई दिखाई दी। वही गलन भरी सर्दी के चलते लोगों के कंपकपी कभी छूटती रही। हुई नजर आई। तेज सर्दी के चलते लोग भारी भरकम ऊनी कपड़ों में लिपटे हुए दिखाई दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने सर्दी से बचाव के लिए अलाव का सहारा लिया। वहीं शहरी क्षेत्र में लोग देर सुबह तक घरों में गर्म कपड़ों के बीच दुबके रहे।
जोबनेर में भी गिरा तापमान
जोबनेर में तापमान ने एक बार फिर गोता लगाया। कस्बे में तापमान में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के सितेंद्र सुवालका ने बताया कि इस दौरान न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 3 डिग्री था। पिछले एक सप्ताह से तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिसके चलते आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना व्यक्त की जा रही है। उल्लेखनीय की 2 वर्ष पहले दिसंबर मध्य में चार दिन तक तापमान माइनस में गया था।