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धूं—धूं कर जला अहंकार का प्रतीक रावण
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धूं—धूं कर जला अहंकार का प्रतीक रावण

आसमान में बिखरा आतिशबाजी का उल्लास

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जयपुर

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Mohan Murari

Oct 20, 2018

जयपुर। अहंकार के प्रतीक रावण का कल विजयादशमी पर पुतला बनाकर दहन किया गया। पूरे प्रदेशभर में विजयादशमी पर आयोजन हुए और रावण को बुराई का प्रतीक मानकर दहन किया गया। जयपुर, उदयपुर, राजसमंद, जोधपुर, करौली सहित कई जिलों व कस्बों में रावण दहन के कार्यक्रम हुए। इस मौके पर लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाकर खुशी जताई। वहीं उदयपुर में नाभी में तीर मारने के बावजूद रावण नहीं जला, बाद में उसके पैरों में आग लगाई गई, लेकिन वह फिर भी टस से मस नहीं हुआ। इसके काफी देर बाद दंभी रावण ने जलना शुरू किया। इस वाक्ये से दशहरा मैदान में हास्यास्पद स्थिति हो गई।

दशहरे पर कांकरोली व राजनगर में रावण पुतलों का भव्य आतिशबाजी के साथ दहन किया गया। आधे घंटे तक सतरंगी आतिशबाजी के नजारे व पुतला दहन देखने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। श्री द्वारकाधीश मंदिर से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और भरत की वेशभूषा में सजे-धजे बच्चों की झांकी ज्योंही श्री बालकृष्ण स्टेडियम पहुंची, तो मौजूद अपार जन समूह में उत्साह का संचार हो गया। इस दौरान स्टेडियम में जमीनी धमाके साथ हवाई फायर, फुलझड़ी, चकरी, रॉकेट के अलावा रंग- बिरंगे आतिशी नजारों ने आमजन को एक टक देखने को मजबूर कर दिया। पटाखे की लड़ के धूम धड़ाके के बीच धमाकों से समूचा शहर गूंज उठा।