
गडरारोड (बाड़मेर) ( gadra rod ) . देश की अंतिम सरहद ( india pak border ) पर पिछले कई दिन से लगातार धूल भरी आंधियों ( Sand Storm ) का दौर जारी है। इससे मौसम में धूल के गुबार उठ रहे हैं। चारों ओर रेत के बवंडर दिख रहे हैं। आम आदमी से लेकर मवेशी तक परेशान हैं।
अंधड़ के कारण कई जगह विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कहीं पोल गिर गए हैं। ऐसे में कई गांवों बिजली आपूर्ति ठप हो गई है जिससे पानी की आपूर्ति भी बंद हो गई।
कहीं अटक न जाए ट्रेनें
बाड़मेर मुनाबाव ( Barmer Munabao Border ) के बीच लीलमा, तामलोर, जैसिंधर, मुनाबाव ( Munabao ) के रास्ते में कई जगह पटरियों के ऊपर रेत आ गई है। ऐसे में साधारण रेल सेवा और थार एक्सप्रेस ( thar express ) के संचालन में भी यह रेत बाधक बन सकती है। ऐसे में रेलवे ( railway ) कर्मचारी दिन-रात रेत हटाने में लगे हैं। जेसीबी ( JCB ) मशीनों से बड़े-बड़े धोरे हटाए जा रहे हैं। फिर भी 24 घंटे आंधी के कारण पटरियों पर रेत जमा हो रही है।
गांवों का संपर्क टूटा
तहसील क्षेत्र के कई गांवों में सड़कों पर रेत जमा होने से संपर्क टूटा हुआ है। साधारण सामान्य गाड़ी नहीं जाने के कारण ग्रामीणों को 3000 से 5000 के बीच मनमानी दरों पर टैक्सी ले जानी पड़ रही है। ग्रामीण जेतमाल सिंह सोढा बताते हैं कि उन्हें गांव में परिवार के सदस्य की तबीयत ठीक नहीं होने का समाचार मिला, जिसके लिए वे टैक्सी लेने पहुंचे तो 3 गुना दाम पर ड्राइवर जाने को तैयार हुआ।
अब तक नहीं ली सुध
स्थानीय तहसीलदार कार्यालय में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के पद रिक्त हैं। ऐसे में समस्या देखने के लिए भी कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। स्थानीय विकास अधिकारी से बात की तो उन्होंने मीटिंग में होने का हवाला देकर किसी भी प्रकार की बात करने से मना कर दिया। पूरे क्षेत्र में आंधी के कारण सामान्य जनजीवन पीडि़त है लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी अभी तक सुध लेने नहीं पहुंचा।