अश्विनी भदौरिया.जयपुर। स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) का पहला चरण इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा। देश के सात शहर सबसे पहले स्मार्ट सिटी बनेंगे। इसमें राज्य का उदयपुर शहर भी शामिल है। काम की गति के मामले में उदयपुर देश में दूसरे स्थान पर है। यहां अब तक 85.32 फीसदी प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अब तक सर्वाधिक काम मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में हुए हैं। यहां 92 फीसदी प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। सूरत में 82.44 फीसदी, भुवनेश्वर में 76 फीसदी, इंदौर, वाराणसी और अहमदाबाद ने 70 फीसदी प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं।
इधर, जयपुर सहित अजमेर और कोटा में भी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन उनकी गति बेहद धीमी है। हालांकि, जून, 2023 तक इस परियोजना के सभी काम पूरे करने का लक्ष्य केंद्र सरकार की ओर से दिया गया है।
योजना बनाने वाले यहां, फिर भी काम की धीमी चाल
राजधानी जयपुर में काम की धीमी गति के पीछे राजनीतिक दखलंदाजी भी मानी जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने अपने हिसाब से प्रोजेक्ट तैयार करवाए। सरकार, मंत्री और अधिकारी राजधानी में बैठकर योजना बनाते हैं। इसके बाद भी जयपुर पीछे रह गया। स्थिति यह है कि अब तक यहां 40 फीसदी प्रोजेक्ट पूरे हो पाए हैं। आगामी 14 माह में जयपुर को 70 प्रोजेक्ट पूरे करने हैं।
ऐसे समझें काम की गति
कहां कितने करोड़ के होने हैं काम
जयपुर में सर्वाधिक बजट स्मार्ट सिटी परियोजना में खर्च होगा। लेकिन, इसके बाद भी यहां बेहतर तरीके से योजना नहीं बनाई गई और उसी का असर रहा कि उदयपुर जैसा शहर आगे निकल गया।