जयपुर। एक बार फिर दुआओं ने असर दिखाया और दो साल की नीरू आखिरकार जिंदगी की जंग जीत गई। बांदीकुई में 17 घंटे के लगातार प्रयास के बाद आज सुबह करीब दस बजे मासूम को जीवित बाहर निकाल लिया गया है। इसे चमत्कार ही कहेंगे कि बच्ची के शरीर पर खरोंच तक नहीं आई है। बच्ची जैसे ही बोरवेल से बाहर निकली तो उसके माता-पिता की आखों से आंसू छलक पड़े। मासूम को दौड़कर गोद में उठा लिया। इस पल को देखने के बाद रेस्क्यू टीम की आंखें भी नम हो गई। फिलहाल बच्ची अस्पताल में हैं और सकुशल बताई जा रही है। घटना दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र के जोधपुरिया गांव की है।
बता दें कि बुधवार शाम को दो साल की एक बच्ची खेलते समय बोरवेल में गिर गई थी। सूचना मिलते ही मौके पर जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार, एसपी रंजीता शर्मा सहित प्रशासनिक अमला पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने हर संभव प्रयास किए। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें रातभर से रेस्क्यू आॅपरेशन में जुटी हुई थी। करीब 17 घंटे तक बच्ची को जगाए रखना बड़ी चुनौतीपूर्ण रहा। इस बीच उसे दूध, चॉकलेट, बिस्किट भी भेजे गए। पाइप के जरिए लगातार ऑक्सीजन दी जाती रही और विशेष कैमरों से उस पर नजर रखी गई।