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मेडिकल कॉलेज में अंगदान के प्रति किया जागरूक, दिलाई शपथ, मेडिकोज ने ली सेल्फी
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मेडिकल कॉलेज में अंगदान के प्रति किया जागरूक, दिलाई शपथ, मेडिकोज ने ली सेल्फी

झालावाड़. सरकार के जुलाई माह को अंगदान माह घोषित किए जाने के बाद झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में गुरूवार को अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया तथा शपथ दिलाई गई। इस मौके पर सेल्फी प्वाइंट पर जिले के प्रथम अंगदान करने वाले भृूरिया कंजर को याद किया गया। डॉ.राम सेवक ने बताया कि भारत लाईव अंगदान में अग्रणीय है, परन्तु मृत्योपरांत ब्रेन डेड अंगदान में काफी पीछे है। लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होने से तथा कई तरह की भ्रांतियां होने से अंगदान में रूचि नहीं लेते हैं।

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झालावाड़. सरकार के जुलाई माह को अंगदान माह घोषित किए जाने के बाद झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में गुरूवार को अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया तथा शपथ दिलाई गई।

इस मौके पर सेल्फी प्वाइंट पर जिले के प्रथम अंगदान करने वाले भृूरिया कंजर को याद किया गया। डॉ.राम सेवक ने बताया कि भारत लाईव अंगदान में अग्रणीय है, परन्तु मृत्योपरांत ब्रेन डेड अंगदान में काफी पीछे है। लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होने से तथा कई तरह की भ्रांतियां होने से अंगदान में रूचि नहीं लेते हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना ही है।डॉ.रक्षा ने कहा कि मृत्योपरांत मरीज का दिमाग काम करना बंद कर देता है, लेकिन अंगों में खून का प्रवाह होने की स्थिति में अगर मरीज के परिजन चाहे तो उसके अंगों को दान कर सकते हैं, इससे किसी जरुरतमंद को नया जीवन दिया जा सकता है।

डॉ.विशाल नैनीवाल ने कहा कि कई मरीज किडनी खराब होने की वजह पूरी जिदंगी डायलिसिस पर निर्भर रहती है, अगर अंग दान किया जाएं तो ऐसे मरीजों को डायलिसिस से निजात मिल सकती है। इस मौके पर डीन डॉ.सुभाष जैन, डॉ.दीपक गुप्ता, डॉ.प्रतिभा मीणा, डॉ.रवीन्द्र शर्मा, डॉ.अरूण पटेल, डॉ.राजेन्द्र गुप्ता, डॉ.राजेन्द्र नागर, डॉ.मनोज शर्मा, डॉ.शशिकांत अग्रवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।