5 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर
आसाराम को ताउम्र सताएगी ये बात, काश याद रख लेता जोधपुर में दी हुई सीख
Play video

आसाराम को ताउम्र सताएगी ये बात, काश याद रख लेता जोधपुर में दी हुई सीख

गांधी मैदान में अंतिम धर्म सभा के बोलवचन

Google source verification

 

जोधपुर . मनुष्य की खुद की भूल ही उसके दुख का कारण है। संसार को माध्यम बनाकर मनमाने ढंग से दुख मिटाने की कोशिश में मनुष्य और भी ज्यादा दुखी हो जाता है। गांधी मैदान में वर्ष 2013 में 10 व 11 अगस्त को दो दिवसीय सभा में हजारों लोगों को आसाराम ने यह उपदेश दिया था। अपनी इस अंतिम सभा में आसाराम ने युवाओं को ब्रह्मचर्य की सीख भी दी थी। दुराचार की घटना से चार दिन पहले उसने स्कूलों के विद्यार्थियों को सीख दी थी कि ऋषि परंपरा से ब्रह्मचर्य का पालन करने से व्यक्ति महान बन जाता है।

 

ये कैसी मौन साधना

गांधी मैदान में दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम समापन के बाद आसाराम आश्रम के प्रवक्ता ने राजस्थान पत्रिका की ओर से पूछे जाने पर मणाई ग्राम स्थित आश्रम में कुछ दिन विश्राम और मौन साधना करने की बात बताई थी। ठीक इसके चार दिन बाद छात्रा से दुराचार का मामला घटित हुआ।