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बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के कुनबे में कलह

जोधपुर. राजस्थान बार कौंसिल ( bar council of rajasthan ) के कुनबे में कलह सामने आई है। चेयरमैन चिरंजीलाल सैनी ( Chairman chiranjilal saini ) के वरिष्ठ सदस्य जगमालसिंह चौधरी ( member jagmalsingh choudhary) को दिए अधिकार वापस लेने के आदेश ( rights ) से बवाल मच गया है।          

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जोधपुर

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MI Zahir

Jul 14, 2019

जोधपुर. बार कौंसिल ऑफ राजस्थान ( bar council of rajasthan ) के कुनबे में कलह हो गई है। कौंसिल के चेयरमैन चिरंजीलाल सैनी ( Chairman chiranjilal saini ) ने कौंसिल के सचिव आरपी मलिक ( Secretary R P Malik ) को अगले आदेश तक काम नहीं करने के लिए कहा है। सैनी ने ई-मेल के माध्यम से मलिक को यह सूचना भेजी है और कहा है कि वित्तीय व अधिकारों के दुरुपयोग को लेकर उनके खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसके साथ ही चेयरमैन ने कौंसिल के वरिष्ठ सदस्य जगमालसिंह चौधरी ( member jagmalsingh choudhary ) के चैक पर हस्ताक्षर करने सहित नियमित कार्य संचालन को लेकर दिए गए अधिकार भी वापस ले लिए हैं। हालांकि, इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है कि चेयरमैन को इस तरह के आदेश जारी करने का अधिकार है या नहीं।

शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जांच की जा रही
कौंसिल के चेयरमैन सैनी ने कहा कि उन्हें सचिव के खिलाफ गंभीर प्रकृति की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में फोन पर ज्यादा जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि नियमानुसार बार कौंसिल के हित के मद्देनजर देखते हुए सचिव को अगले आदेश तक काम से दूर रहने के लिए कहा गया है। इससे ज्यादा विवाद इस बात से शुरू हुआ कि सैनी ने वरिष्ठ सदस्य जगमालसिंह चौधरी को नियमित कार्य संचालन और चैक पर हस्ताक्षर करने को लेकर दिए गए अधिकार वापस लेने का आदेश दे दिया।

आदेश रिसीव नहीं हुआ

वरिष्ठ सदस्य चौधरी का कहना है कि उन्हें अब तक ऐसा आदेश रिसीव नहीं हुआ है, लेकिन मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि चेयरमैन ऐसा आदेश नहीं दे सकते। कौंसिल के अधिकार कार्यकारी समिति में निहित होते हैं और यह समिति ही सर्वोच्च बॉडी है। उन्हें यह अधिकार कार्यकारी समिति ने प्रदान किए थे, न कि चेयरमैन ने। इसलिए चेयरमैन को ऐसा आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। जबकि कौंसिल चेयरमैन सैनी का कहना है कि नियमानुसार वे इस तरह का आदेश दे सकते हैं। उन्हें कौंसिल ने पावर डेलीगेट किए हैं।

चेयरमैन को आदेश निकालने का अधिकार नहीं

कौंसिल के पूर्व चेयरमैन सुशील शर्मा के अनुसार तमाम अधिकार कार्यकारी समिति को ही हैं, चेयरमैन को अलग से इस तरह का आदेश निकालने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसा आदेश निकालने से पहले कार्यकारी समिति ही सहमति नहीं ली गई है। बड़े मुद्दों पर साधारण सभा की बैठक में निर्णय होता है। पावर डेलीगेट किए जाने जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि, इस कलह के बीच बार कौंसिल के कुछ सदस्यों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सारा झमेला कुर्सी को लेकर है। मौजूदा चेयरमैन सैनी का कार्यकाल अगले महीने के दूसरे पखवाड़े में सामाप्त हो रहा है। मौजूदा विवाद को कुर्सी के किस्से के रूप में देखा जा रहा है।

 

 

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