
विकास चौधरी/जोधपुर. पाकिस्तान में अत्याचार झेलने के बाद थक-हारकर शांतिपूर्ण जीवन गुजारने की उम्मीद में भारत आने वाले पाक विस्थापित अपनों के हाथों ही लुट रहे हैं। वीजा अवधि में बढ़ोतरी अथवा नागरिकता संबंधी दस्तावेज तैयार करने की एवज में गृह मंत्रालय के अफसर को रिश्वत देने को विवश करने वाले दलाल भी पाक विस्थापित ही हैं। रिमांड पर गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक (एसएसए) पीके मिश्रा के साथ ही तीन स्थानीय दलालों से पूछताछ के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रविवार को चार और ऐसे दलालों को खोज निकाला, जो पाक विस्थापितों से रिश्वत लेते हैं। चारों से पूछताछ की गई।
पुलिस अधीक्षक (एसीबी) अजयपाल लाम्बा ने बताया कि प्रकरण में पाक विस्थापितों से रिश्वत या वसूली करने वाले चार और पाक विस्थापितों के नाम सामने आए हैं। चूंकि यह चारों मौके से पकड़ में नहीं आ पाए थे, इसलिए इनको बतौर सरकारी गवाह बयान दर्ज किए गए हैं। उधर, गृह मंत्रालय में एसएसए पीके मिश्रा, दलाल गोविंद, अशोक व भगवानराम से पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में स्पष्ट हो चुका है कि एसएसए मिश्रा ने वर्ष 2017 में तीन हजार पाक विस्थापितों से वीजा एक्सटेंशन कराने व नागरिकता संबंधी दस्तावेज तैयार कराने की एवज में वसूली कर चुका है। वह दलालों के मार्फत हर साल औसतन ढाई से तीन हजार पाक विस्थापितों से रिश्वत वसूल रहा था।
आज फिर कोर्ट में होंगे पेश
गौरतलब है कि एसीबी ने गुरुवार देर रात डीपीएस के पास स्थित होटल के कमरे से गृह मंत्रालय के एसएसए मिश्रा व अन्य तीनों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद रिश्वत लेने की पुष्टि होने पर शुक्रवार रात चारों को गिरफ्तार किया गया था। चारों आरोपी दो-दो दिन के रिमाण्ड पर है। यह अवधि समाप्त होने पर चारों आरोपियों को सोमवार सुबह फिर से एसीबी मामलात की अदालत में पेश किया जाएगा।