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Mother-Father daughter died : बेटी संग पिता टांके में कूदा, बचाने के प्रयास में पत्नी भी डूबी

- पति पत्नी व मासूम बेटी की मौत- खेत में मकान के बाहर बने टांके में मिले दम्पती व मासूम बेटी के शव, दो दिन में आठ की मौत

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जोधपुर।
जिले के ओसियां थानान्तर्गत (Police station Osian) बड़ला बासनी (Barla basni) गांव में मानसिक बीमार एक युवक दो साल की बेटी को उठाकर कमरे से बाहर भागा और मासूम के साथ टांके में कूद (mental distrub man fall in tank, wife also drowning) गया। पास में सो रही मां जागी और पति के पीछे दौड़ी। पति व बेटी को बचाने के लिए उसने भी टांके में छलांग लगाई, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने मौेके पर ही मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा तीनों शव परिजन को सौंपे। (husband-wife and daughter died)
वृत्ताधिकारी (ओसियां) नूर मोहम्मद ने बताया कि बड़ला बासनी गांव निवासी नरेन्द्र सिंह (25) पुत्र हेमसिंह राजपूत, उसकी पत्नी सुनीता कंवर (23) व बेटी अक्षिता (2) के शव गांव में खेत पर मकान के बाहर बने टांके में मिले। पीलवा गांव से मृतका के पीहर पक्ष को मौके पर बुलाया गया। जांच के बाद तीनों शव बाहर निकलवाए गए. पीहर पक्ष ने मौत पर कोई संदेह व्यक्त नहीं किया है। मृतका के पिता भंवरसिंह की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज किया गया। मौके पर चिकित्सकों को बुलाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा शव सुपुर्द किए गए।
पुत्र के पीछे पुत्रवधू को भागते देख वृद्ध मां चिल्लाई
मृतक की सत्तर वर्षीय मां ने बताया कि शुक्रवार रात नरेन्द्र, पत्नी सुनीता व पुत्री अक्षिता कमरे में सोए थे। वह अलग कमरे में सो रही थी। घर में और कोई नहीं था। देर रात करीब एक-डेढ़ बजे नरेन्द्र पास में सो रही पुत्री को उठाकर कमरे से बाहर भागने लगा। आवाज सुन पत्नी जाग गई। अनहोनी की आशंका के चलते वह भी चिल्लाते हुए पति के पीछे भागी। तीनों टांके में जा गिरे। चिल्लाने की आवाज सुन वृद्ध भी जागी। वृद्धावस्था होने से वह उठ नहीं पाई। तब उसने मदद के लिए आवाजें लगाईं तो कृषक व आस-पास के ग्रामीण वहां आए। नरेन्द्र, पत्नी व पुत्री को टांके में पाया। उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
अंदेशा : बचाने के प्रयास में पत्नी भी डूबी
मृतक नरेन्द्रसिंह की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। वह बेटी को उठाकर कमरे से बाहर भागा तो पत्नी सहम गई। वह भी पीछे-पीछे भागी, लेकिन तब तक पति व पुत्री टांके में गिर चुके थे। पुलिस का मानना है कि दोनों को बचाने के प्रयास में पत्नी भी टांके में कूदी होगी, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। तीनों मृतकों के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं है।
तीन साल पहले शादी
मृतक की शादी तीन साल पहले तीस नवम्बर को मूलत: पीलवा हाल बीजेएस कॉलोनी निवासी सुनीता कंवर से हुई थी। उसे दो साल पहले एक पुत्री हुई थी। वह मां व पत्नी और पुत्री के साथ रहता था।
मानसिक बीमार था, खुद को कमरे में बंद किया
मृतक नरेन्द्र सिंह खेती करता था। गांव में छोटी सी दुकान भी है, लेकिन काफी समय से वह बंद है। उसका एक बड़ा भाई भी है। जो फाइनेंस का काम करता है। नरेन्द्र कई दिन से मानसिक बीमार था। चार-पांच दिन से वह सोया तक नहीं था। उसने शुक्रवार को घर के कमरे में खुद को बंद कर लिया था। काफी मशक्कत के बाद उसे कमरे से बाहर निकाला गया था। भाई के बाहर होने से चाचा व बहनोई उसे तिंवरी में अस्पताल ले गए थे, जहां जांच कराने के बाद रात को ही घर लौटे थे।
एक दिन पहले हुई थी परिवार के पांच जनों की मौत
4 नवम्बर को लोहावट थानान्तर्गत पीलवा गांव के बिश्नोइयों की ढाणी में शंकर बिश्नोई ने अपने पिता सोनाराम, मां चम्पादेवी व पुत्र लक्ष्मण व दिनेश पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया था। पिता के अलावा तीनों के शव घर के टांके में डाल दिए थे। फिर शंकर ने पानी से भरी डिग्गी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।