जोधपुर.
कामवाली बाई बन घरों से सोने-चांदी के आभूषण चुराने वाली बिहार के भागलपुर की कुख्यात गैंग की चार महिलाओं सहित छह जनों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया। कई दिन तक तलाश के बाद गिरोहों को जयपुर में रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दिगंत आनंद के अनुसार गत दिसम्बर में श्याम नगर व प्रेम नगर में कामकाज के बहाने दो मकानों से लाखों के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए गए थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिलाओं की तलाश शुरू की गई थी। ऐसा गिरोह बिहार के भागलपुर जिले में कहलगांव का होने का पता लगा। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) हरफूलसिंह व देवनगर थानाधिकारी जयकिशन सोनी के निर्देशन में पुलिस दल कहलगांव भेजा गया, जहां जांच व तलाश के बाद आरोपियों की पहचान की गई, लेकिन वो गांव में नहीं थे।
तकनीकी पहलू से जांच में आरोपियों के जयपुर के गलतागेट क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना मिली। पुलिस जयपुर पहुंची, लेकिन तब तक वारदात के बाद गिरोह भागलपुर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच चुका था। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन से कहलगांव के शिव कुमार पाहड़ निवासी पूनम उर्फ पूजा पत्नी दिच्छु ठठेरा, मंटू शाह पुत्र श्याम शाह व उसकी पत्नी पूजा, श्रवण कुमार पुत्र प्रेमी शाह, पुष्पा उर्फ बहरी पत्नी राजेश और झारखण्ड में लतरामपुर निवासी कल्याणी पत्नी शंकर कुम्हार को गिरफ्तार किया गया। इनमें से कल्याणी व पुष्पा को शास्त्रीनगर और चार अन्य को देवनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनसे जयपुर में गलतागेट क्षेत्र की एक कोठी से चुराए 2.665 किलो चांदी के बर्तन बरामद किए गए।
सरगना चार साल जेल में रहकर आई है बाहर
पूनम गिरोह की सरगना है। उसके खिलाफ दिल्ली, गुडग़ांव, फरीदाबाद में एक दर्जन से अधिक मामलों में चालान पेश हो चुका है। दिल्ली के एक मामले में वह वर्ष 2017 से 2020 तक चार साल जेल में रह चुकी है। वर्ष 2020 में वह जेल से बाहर आई थी।
घरेलू काम के बहाने चुराए थे जेवर
गत 9 दिसम्बर को पाल लिंक रोड पर श्याम नगर निवासी घनश्याम सोनी के मकान में काम के बहाने सोने की 13 अंगूठियां, कानों की 7 बालियां, 4 चुडिय़ां, डायमण्ड की दो चुडिय़ां, 3 पेंडेंट सैट, चार चेन, एक ब्रेसलेट चुरा लिए गए थे। वहीं, प्रेम नगर में भी एक मकान से काम के बहाने सोने के आभूषण चोरी कर लिए गए थे। फुटेज के आधार पर पुलिस मिल्कमैन कॉलोनी में एक मकान पहुंची थी, लेकिन गिरोह पहले ही गायब हो गया था।
सस्ते कमरों में रहते, वारदात कर निकलते
आठ-दस महिलाओं व कुछ पुरुषों का गिरोह किसी भी शहर में पहुंचकर सस्ती दर पर किराए के कमरे लेकर रहते हैं। फिर नजदीक ही पॉश कॉलोनियों में कामवाली बनकर घूमते हैं। काम के बहाने हाथ साफ कर गायब हो जाते हैं। इनके साथ वाले पुरुष सिर्फ सहयोगी की भूमिका में रहते हैं।