जोधपुर. राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता डॉ. सतीश पूनिया ने कहा है कि ठंडे बस्ते में जा चुकी महिलाओं को मुफ्त मोबाइल बांटने की घोषणा को गहलोत सरकार अमल में लाने की कोशिश में है। उन्होंने सवाल उठाया कि सचिवालय के समीप अलमारी में मिले करोड़ों रुपए और सोने का कनेक्शन कहीं मुफ्त में मोबाइल बांटने की स्कीम की दलाली से तो नहीं है?
पूनिया ने बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में तंज कसा कि हम बचपन में खाने वाले बिस्कुट को भी तरसते थे, लेकिन गहलोतजी भाग्यशाली हैं कि उनके शासन में सोने के बिस्कुट मिल रहे हैं। अशोक गहलोत सरकार ने महिलाओं को नि:शुल्क मोबाइल देने की बात कही थी, लेकिन सालभर बाद भी नहीं दिए। कहीं ऐसा तो नहीं कि सचिवालय के समीप जो करोड़ों का कैश मिला है, वह मोबाइल योजना की दलाली का हो? उन्होंने कहा कि इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग को लेकर मैने केन्द्रीय गृहमंत्री को पत्र भी लिखा है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
– प्रदेश में गुंडाराज है…माफिया पनपे हैं। औरों की सुरक्षा तो छोड़िए, कांग्रेस सरकार अपनी ही चुनी हुई महापौर की सुरक्षा नहीं कर पा रही है। उनके बदमाश मंच पर अभद्रता का दुस्साहस कर रहे हैं।
– राजस्थान की जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से नेहरू-गांधी खानदान की रसोई चल रही है।
– हम तो जनता के हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस में कांग्रेस के खिलाफ ही संघर्ष करना पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री का बचाव
संजीवनी क्रेडिट सोसायटी घोटाले को लेकर पूनिया ने कहा कि सीएम गहलोत ने इसे राजनीतिक हथियार बना लिया है। इस मामले में हाईकोर्ट में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह को मिली राहत के बाद मुझे नहीं लगता कि गहलोत के आरोप में कोई सच्चाई है।
पेपर लीक नहीं करूंगा
सीएम पद के दावेदारों के सवाल पर पूनिया ने कहा कि भाजपा में 10-12 लोग मुख्यमंत्री पद के काबिल हैं। सीएम कौन बनेगा, यह संसदीय बोर्ड तय करेगा। काबिल लोगों के नाम पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं पेपर लीक नहीं करूंगा।