
जोधपुर. देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में पिछले चार दिन से बना कम दबाव का क्षेत्र अब हटने लगा है। 25 से 35 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से चल रही तेज धूलभरी हवा की गति शनिवार से धीमी हो जाएगी, जिससे धूल भी बैठ जाएगी। हवा ने मानसून को भी मध्यप्रदेश बॉर्डर पर रोक रखा है। मौसम विभाग की भाषा में इसे मानसूनी ब्रेक कहते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि दो तीन दिन बाद हवा की दिशा बदलते ही मानसून से ब्रेक हट जाएगा और गति पकड़ते ही यह राजस्थान में प्रवेश करेगा।
सूर्यनगरी में शुक्रवार सुबह 30 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से हवा बह रही थी। छत पर सो रहे लोगों को हल्की ठण्ड महसूस होने से चद्दर ओढऩी पड़ी। न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में 55 फीसदी नमी के साथ हवा के झोंकों से तपिश से पूरी निजात मिली हुई थी। दिनभर तेज हवा के साथ धूल भी उड़ती रही। आसमान में बादलों की आवाजाही से गर्मी का असर कम था। दिन का तापमान 37.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। ग्रामीण हिस्सों में भी धूल भरी हवा से गर्मी से राहत मिली। जैसलमेर व बाड़मेर में भी हवा चलने से तापमान में गिरावट आई। जैसलमेर में रात का तापमान २६.५ व दिन का ३८.९ डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 26.9 व अधिकतम 38.8 डिग्री रहा।
गृहणियों ने हाथ खड़े किए
पिछले चार दिन से तेज धूल भरी हवा बहने से घर व इमारतों का कोना-कोना मिट्टी से सन्न गया है। हर रोज आधा किलो मिट्टी निकालनी पड़ रही है। चार दिन से मिट्टी निकालते-निकालते गृहणियां भी तंग आ गई है। वे अब अंतिम तौर पर धूल भरी हवा के रुकने का इंतजार कर रही है। वैसे दो दिन में हवा की गति पर पूरा विराम लगने की उम्मीद है।