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सेविकाओं ने किया घोष की ताल पर योग-व्यायाम
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सेविकाओं ने किया घोष की ताल पर योग-व्यायाम

जोधपुर में हुआ राष्ट्र सेविका समिति का शाखा एकत्रीकरण कार्यक्रम
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जोधपुर. भारतीय संस्कृति में नारी को नारायणी माना गया है। उसमें सेवा-समर्पण व सहनशीलता का भाव भरा हुआ है। यह विचार राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय प्रमुख कार्यवाहिका अन्नदानम सीता गायत्री ने व्यक्त किए। समिति की जोधपुर शाखा विभाग की ओर से गुरुवार को उम्मेद स्टेडियम में शाखा एकत्रीकरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता गायत्री ने कहा कि भारत में नारी शक्ति हमेशा श्रेष्ठ रूप में रही है। जब विदेशों में नारी को वोट देने का भी अधिकार नहीं था, उस समय भारत में रानियां शासन करती थीं। भारत के राजाओं ने अपने देश की गरिमा को कायम रखने के लिए अपने जीवन का भी बलिदान दिया और देश की रक्षा की। ऐसे राजाओं का जन्म मां के संकल्प से ही होता है। महिला को अच्छी मां बनने की बहुत आवश्यकता है, तभी दुष्ट शक्तियों का दमन होगा और समाज में सज्जनशक्ति बढ़ेगी।

कार्यक्रम में छात्राओं और युवतियों ने योग-व्यायाम व शारीरिक प्रदर्शन किया। प्रांत कार्यवाहिका डॉ. सुमन रावलोत ने बताया कि 4 से 16 जनवरी तक प्रमुख कार्यवाहिका गायत्री का जोधपुर के सातों विभाग में प्रवास रहा हैं। जोधपुर विभाग कार्यवाहिका जया दाधीच, विभाग संचालिका सरिता लोढ़ा सहित बड़ी संख्या में सेविकाएं मौजूद थीं।

हर सेक्टर से जुड़ी सेविकाएं
सेविका समिति में 8 से लेकर 50 वर्ष से अधिक आयु की सेविकाएं है। समिति के एकत्रीकरण कार्यक्रम में करीब 400 से अधिक सेविकाओं ने भाग लिया। इनमें स्कूल-कॉलेज छात्राओं के साथ शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी युवतियां-महिलाएं शामिल थीं। कार्यक्रम के दौरान सभी ने व्यायाम का प्रदर्शन किया।

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