कानपुर। पूर्व मंत्री आजम खां पर अब राज्यसभा सांसद अमर सिंह जुबानी वार के साथ कानूनी प्रहार कर रहे हैं। एफआईआर यात्रा लेकर कानपुर आए पूर्व सपा नेता ने जहां मुलायम अखिलेश पर जमकर हमला बोला, तो वहीं आजम खां को जेल भिजवाने का ऐलान भी किया। अमर सिंह ने कहा कि अभी मैं मुकदमा दर्ज करवा रहा हूं, यदि जयाप्रदा ने ’मी टू’ कह दिया तो खां साहब सीधे सलाखों के पीछे होंगे और उन्हें फिर बलराम यादव भी नहीं बचा पाएंगे।
जेल रोड के घर से जाएंगे जेल
दरअसल आजम एफआईआर यात्रा लेकर अमर सिंह बुधवार को कानपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि आजम खां उनकी बेटियों को तेजाब से जलाने की धमकी दे रहा है। मैं उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल रामनाईक से मिलकर गुहार लगा चुका हैं। मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया है, लेकिन सपा के पूर्व मंत्री बलराम सिंह के चलते पुलिस मामला नहीं दर्ज कर रही। इसी दौरान अमर सिंह ने कहा कि ’मी टू’ अभियान चल रहा है। यदि जयाप्रदा थाने चली गईं तो वे जेल रोड वाले आवास से आजम खां सीधे जेल जाएंगे।
इसलिए एफआईआर यात्रा पर निकले अमर
अमर सिंह का आरोप है कि आजम खान ने एक इंटरव्यू में उन्हें जान से मारने और उनकी बेटियों पर तेजाब डालने की धमकी दी थी। इसी के बाद अमर सिंह ने आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की थी। पुलिस को तहरीर सौंपी कार्रवाई नहीं हुई। इसे से नाराज होकर अमर सिंह आजम एफआईआर यात्रा लेकर दिल्ली से निकले और कन्नौज होते हुए कानपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यूपी पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि आज भी खाकीधारी प्रदेश में सपा की सरकार मानते हैं और उनके इशारों पर काम करते हैं। बुधवार की शाम अमर सिंह की तहरीर पर लखनऊ में अमर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई और अमरवाणा कुछ धीमी पड़ी।
आजम पर किया था जुबानी वार
अमर सिंह ने कहा, लोगों को तेल की चिंता है, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि तेल मोदी जी के घर में नहीं होता। ये बाहर से आता है और उस दाम पर देने को सरकार बाध्य है। आप तेल का क्या करेंगे, जब जीवन ही नहीं बचेगा। मोदी-योगी के राज में कम से कम हिंदू लड़कियां सुरक्षित तो हैं। उन्होंने कहा, ’जब हमारी हिंदू लड़कियां का शोषण हुआ तो वो आजम खान जैसे लोग थे, जिन्होंने पुलिस को एफआईआर करने से रोका। मैं मुस्लिमों के खिलाफ नहीं हूं। हम स्वंतत्रता सेनानी अशफाक उल्लाह खान, अब्दुल हमीद और डॉ. अब्दुल कलाम का सम्मान करते हैं। लेकिन हम उन मुस्लिमों के खिलाफ हैं, जो यहां रहते हैं, लेकिन प्रशंसा पाकिस्तान की करते हैं।