
कानपुर देहात. कानपुर देहात के मूसानगर इलाके में यमुना नदी के किनारे स्थित मुक्ता देवी मंदिर को लोग मुक्तेश्वरी देवी के नाम से भी जानते हैं। मान्यता है कि इस दरबार मे हर मनोकामना पूरी होती है। कहा जाता है कि यहां देवी दिन में 3 रूप बदलती हैं। सुबह के समय बाल अवस्था, दोपहर युवा अवस्था और रात में वृद्ध अवस्था धारण करती हैं। इस मंदिर परिसर में वर्षों से चूड़ी बेच रही मुस्लिम बुज़ुर्ग महिला साम्प्रादायिक सौहार्द की मिसाल पेश करती है, जिसने मंदिर के लिए 3 बीघा जमीन दान की थी। यहां पूरे वर्ष भर श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहता है।
मंदिर के पुजारी रामजी द्विवेदी बताते हैं कि ये वास्तविक जानकारी किसी को नहीं है कि मंदिर कितना पुराना है। मगर हाल ही में पुरातत्व विभाग की टीम आयी थी और उसके सर्वेक्षण में ये जानकारी हुयी कि मंदिर लगभग 5 हज़ार साल पुराना है। मंदिर परिसर में चूड़ी और श्रृंगार का सामान बेचकर परिवार का भरण पोषण करने वाली मुस्लिम महिला जैतून कई दशक से मंदिर में ही श्रृंगार का सामान बेच रही है। मंदिर में जैतून ने 3 बीघा जमीन दान कर दी थी।