
सांकेतिक फोटो
Ganga Railway Bridge: कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। गंगा रेलवे पुल पर चल रहा 42 दिनों का मेगा ब्लॉक अब समाप्ति की ओर है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक 13 मई को ब्लॉक खत्म हो जाएगा और 14 मई की सुबह से इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। लंबे समय से पुल पर ट्रैक मरम्मत और स्टील स्लीपर बदलने का काम चल रहा था। इसकी वजह से रोजाना हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही थी और कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा था।
शुक्लागंज इलाके में गंगा रेलवे क्रॉसिंग से गंगा घाट स्टेशन यार्ड तक रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे इंजीनियर पुराने और कमजोर स्लीपर हटाकर उनकी जगह नए स्टील स्लीपर लगा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अब काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है और बहुत कम हिस्सा ही बाकी रह गया है। गंगा ब्रिज के डाउन ट्रैक पर कुल 1710 स्टील स्लीपर लगाए जाने थे, जिनमें से 1535 स्लीपर लगाए जा चुके हैं। रेलवे कर्मचारियों की टीम दिन-रात काम पूरा करने में जुटी हुई है।
दो अप्रैल से शुरू हुए मेगा ब्लॉक के कारण सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक ट्रैक पर काम किया जा रहा था। इस दौरान कानपुर-लखनऊ रेलखंड की करीब 70 से 80 ट्रेनें प्रभावित रहीं। कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाया गया। सबसे ज्यादा परेशानी नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को हुई, जो हर दिन इस रूट से सफर करते हैं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई बार वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पुराने ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार काफी कम रखनी पड़ती थी। पुल के पुराने ट्रैक पर ट्रेनें करीब 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गुजरती थीं। अब नए स्टील स्लीपर लगने के बाद ट्रैक पहले से ज्यादा मजबूत हो गया है। रेलवे का दावा है कि अब इस पुल से ट्रेनें करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और यात्रियों का सफर भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनेगा।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ डीसीएम समर्प गुप्ता ने बताया कि गंगा रेलवे ब्रिज पर नए स्टील स्लीपर डालने का काम अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा कि 13 मई को मेगा ब्लॉक की अवधि पूरी हो जाएगी और इसके अगले दिन यानी 14 मई से ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि काम समय पर पूरा हो जाएगा। ट्रैक मजबूत होने के बाद आने वाले कई वर्षों तक इस पुल पर ट्रेनों का संचालन बिना किसी बड़ी दिक्कत के किया जा सकेगा।
Updated on:
10 May 2026 01:44 pm
Published on:
10 May 2026 01:44 pm
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