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चौधरी परिवार से अखिलेश यादव ने बनाई दूरी, सुखराम के साथ शिवपाल ने दी श्रृद्धांजलि
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चौधरी परिवार से अखिलेश यादव ने बनाई दूरी, सुखराम के साथ शिवपाल ने दी श्रृद्धांजलि

चौधरी हरमोहन की 97वीं जयंती पर नहीं पहुंचे मुलायम सिंह और अखिलेश, शिवपाल ने सुखराम सिंह को गले लगा चौधरी की तस्वीर में चढ़ाए फूल, दोनों के बीच एक घंटे तक चली बातचीत

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कानपुर। मेहरबान सिंह के पुरवा कभी राजनीति का धूरी हुआ करता था। सियासत के कई अहम फैसले यहीं से हुआ करते थे। सपा संयोजक मुलायम सिंह यादव सिर्फ चौधरी हरमोहन सिंह यादव को छोटे साहब के नाम से पुकारा करते थे। लेकिन हरमोहन सिंह के देहांत के बाद चौधरी की चौखट पर रौनक गायब हो गई। पूर्व सांसद चौधरी हरमोहन सिंह की 97 वीं जयंती के मौके पर पूर्व मंत्री व समाजवादी सेक्युलर मोर्च के संस्थापक शिवपाल यादव आए और उनके बेटे सुखराम सिंह यादव के साथ श्रृद्धांजलि दी। जबकि मुलायम और अखिलेश यादव बुलाए जाने के बाद भी चौधरी की सभा में शामिल होने के लिए नहीं पहुंचे। जिसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि चौधरी परिवार किसी भी वक्त मोर्चे में शामिल हो सकता है।

जयंती में नहीं शामिल हुए सपाई
बीते गुरुवार को चौधरी हरमोहन सिंह की 97 वी जयंती समारोह था। जिसमे सपा के सांसद सुखराम सिंह यादव ने शिवपाल सिंह यादव को मुख्यअतिथि के रूप में बुलाया गया था। सांसद सुखराम सिंह यादव के इस प्रोग्राम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ,सपा के सरक्षक मुलायम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम भी नदारत रहे। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में समाजवादी कार्यक्रताओं ने भी शिरकत नहीं की। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि अखिलेश यादव ने पहले से ही चौधरी परिवार से दूरियां बना लीं और इसी के कारण वो सपाई भी नहीं दिखे, जो हरसाल जयंती के दिन मेहरबान सिंह पुरवा में चौधरी जी को श्रृद्धांजलि देने के लिए जाया करते थे।

इसके चलते पड़ी दरार
13 दिसंबर 2014 को पूर्व सीएम अखिलेश यादव सीआरपीएफ के शहीद डिप्टी कमांडेंट के परिजनों को आर्थिक मदद देने के लिए शहर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने शहीद के परिजनों को चेक सौंपने के लिए उठे तो तो सुखराम यादव भी पीछे-पीछे आ गए। जिसके चलते अखिलेश यादव ने सुखराम को घूरते हुए चेक दे दी। पूर्व श्रम मंत्री शाहिद मंजूर ने सुखराम के हाथ से चेक वापस लेकर अखिलेश को देकर मामले को संभाला था। कायक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व विधान परिषद सभापति व वर्तमान राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव को सरेआम डांटा था। इसी के बाद दोनों के बीच दरार पड़ गई। फिर अखिलेश यादव और सुखराम सिंह कभी किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आए।

विधानसभा चुनाव के वक्त बना ली दूरी
सुखराम सिंह यादव व चौधरी परिवार ने विधानसभा चुनाव 2017 में अखिलेश यादव से दूरी बना ली। चुनाव प्रचार से पूरी तरह से अपने आपको दूर रखा तो शिवपाल यादव के साथ कई बार देखे गए। इसी के चलते मुलायम सिंह और अखिलश यादव चौधरी हरमोहन सिंह की जयंती से दूर रहे। इस मौके पर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक शिवपाल सिंह यादव और सुखराम सिंह यादव की व्यक्तिगत लगभग एक घंटे तक बैठ कर बातचीत होती रही। शिवपाल के इस कार्यक्रम में शिरकत करने से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है कि सुखराम सिंह सपा छोड़ कर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का दमन थाम सकते हैं।