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VIDEO: राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन और बोलीं…

करौली. मानदेय वृद्धि और राज्य कर्मचारी का दर्जा समेत विभिन्न मांगों लेकर आंगनबाड़ी कार्मिकों ने अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनरतले कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।

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करौली. मानदेय वृद्धि और राज्य कर्मचारी का दर्जा समेत विभिन्न मांगों लेकर आंगनबाड़ी कार्मिकों ने अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनरतले कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम कलक्टर अंकित कुमार ङ्क्षसह को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग रखी।

आंगनबाडी कार्यकर्ता लक्ष्मी गुप्ता, सुनीता रावत, सुषमा शर्मा आदि ने बताया कि विधान सभा चुनाव में सरकार ने जन घोषणा पत्र में संविदाकर्मियों के साथ-साथ मानदेय कार्मिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, सहायिका, ग्राम साथिन, शिशु पालना गृह कार्यकर्ता को भी नियमित करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार साल बीतने के बावजूद कार्मिकों को नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगना, हिमाचल प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश में 10 हजार रुपए से लेकर 15 हजार रुपए तक मानदेय कार्मिको को दिया जा रहा है। लेकिन राजस्थान में अल्प मानदेय पर ही काम करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि 245 नवीन पदों का सृजन करने एवं 245 महिला पर्यवेक्षक के पदों की सक्षम स्वीकृति कराने की मांग की। इसके अलावा ग्राम साथिन, एएनएम, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए 15 प्रतिशत पद आरक्षित करने, ग्राम साथिनों को मानदेय सेवा में लेने की मांग रखी। उन्होंने मांगे नहीं मानने पर 1 जून से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस दौरान बनेशी, सुनीता, राधा, सविता, सरस्वती आदि आंगनबाडी कार्मिक मौजूद थी।


इसी प्रकार अखिल भारतीय महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की कार्यकर्ताओं ने सपोटरा में भी नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर 5 जून से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई। संघ की अध्यक्ष हेमलता चौधरी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, सहायिका, साथिन लंबे समय से मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है।

ऐसे में उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, साथिन, सहायिका, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं को नियमित करने, मानदेय में वृद्धि, महिला पर्यवेक्षक के नवीन पदों का सृजन मापदण्डों के अनुसार करने, महिला अधिकारिता विभाग में ग्राम साथिन को पर्यवेक्षक के नियमित पदों पर जाने के लिए 50 प्रतिशत पदों को आरक्षित करने, एएनएम भर्ती में आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 15 प्रतिशत पद आरक्षित करने, नगरपालिका कार्य क्षेत्र में विस्तार के कारण ग्राम पंचायत पर कार्यरत ग्राम साथिनों को वापस मानदेय दिलाने आदि की मांग की। इस दौरान प्रीतमबाई, सावित्री मीना, प्रीतम मीना, मंजू गुप्ता, मुकेशी मीना, सुशीला गौतम, लक्ष्मी मीना, सियाकुमारी शर्मा, पुष्पा मीना, उमा देवी, विमलेश मीना, सरोज गुप्ता, रश्मि मीना, अमिता गुप्ता, सुनीता प्रजापत आदि मौजूद रहीं।