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ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: भूमि अवाप्ति के विरोध में पानी की टंकी पर चढ़े किसान निरस्त कराने को किया प्रदर्शन
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ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: भूमि अवाप्ति के विरोध में पानी की टंकी पर चढ़े किसान निरस्त कराने को किया प्रदर्शन

सूरौठ/हिण्डौनसिटी. राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध में जिले में किसानों का विरोध बढ़ता जा रहा है। श्रीमहावीरजी के बाद गुरुवार को सूरौठ तहसील मुख्यालय पर हुई जनसुवाई के दौरान प्रभावित गांवों के किसान तहसील परिसर में पानी की टंकी पर चढ़ गए। इस दौरान किसानों ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे परियोजना […]

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सूरौठ/हिण्डौनसिटी. राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध में जिले में किसानों का विरोध बढ़ता जा रहा है। श्रीमहावीरजी के बाद गुरुवार को सूरौठ तहसील मुख्यालय पर हुई जनसुवाई के दौरान प्रभावित गांवों के किसान तहसील परिसर में पानी की टंकी पर चढ़ गए।

इस दौरान किसानों ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे परियोजना को निरस्त करने की मांग की।समझाइस कर लोगों को 5-10 मिनट में टंकी से नीचे उतार लिया। बाद में उपखंड अधिकारी हेमराज गुर्जर को परियोजना के कृषि पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर ज्ञापन सौंपा।


सूरौठ तहसील क्षेत्र के 10 गांवों में होकर निकलने वाले ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अवाप्ति के पूर्व तहसील कार्यालय में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार सुबह 11 बजे भूमि अवाप्ति अधिकारी व एसडीएम हेमराज गुर्जर जनसुवाई के लिए पहुंचे। इस दौरान एसडीएम के साथ एक्सप्रेस वे के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं सूरौठ तहसीलदार संजीव धाकड़ भी मौजूद रहे।

सामाजिक समाघात अध्ययन(अनुकूल व प्रतिकूल प्रभाव) के लिए जब भूमि अवाप्ति अधिकारी हेमराज गुर्जर जनसुनवाई कर रहे थे तभी 11.&0 बजे के करीब 10 किसान तहसील परिसर में स्थित पेयजल टंकी पर चढ़ गए तथा ब्यावर भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को निरस्त करवाने की मांग करने लगे। हालांकि एसडीएम गुर्जर ने समझाइस कर 5 मिनट में ही किसानों को टंकी से उतार लिया।

इसके बाद तहसील कार्यालय में मौजूद गांव शेरपुर, रारा शाहपुर, खेती हैवत, जटवाड़ा, सौंमला, सौंमली, हाडौली,भुकरावली सहित कई गांवों के सैकड़ों किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का विरोध किया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि जान दे देंगे लेकिन एक्सप्रेस वे के लिए खेती की जमीन नहीं देंगे।

खेत बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक गोपाल सिंह डागुर, किसान नेतराम घनश्याम सोमली,जाट समाज चौबीसा के महामंत्री तेज सिंह, नंदराम खेड़ी हैवत, अजीत सिंह, नवल किशोर, प्रेम सिंह जटवाड़ा,गोपाल जटवाड़ा महावीरा शेरपुर, बृज किशोर खेड़ी, मानसिंह सोमली , परसराम , रूप सिंह, लक्ष्मण सेक्रेटरी, मवासी राम, श्याम सिंह, कुंवर सिंह, अजीत सिंह,सहित काफी किसानों ने एसडीएम हेमराज गुर्जर को ज्ञापन सौंप कर ब्यावर भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को निरस्त करवाने की मांग की। एसडीएम गुर्जर ने किसानों से कहा कि उनके आपत्ति पत्र को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान थाना पुलिस ने शांति व कानून व्यवस्था को संभाला।

एक्सप्रेस हाइ-वे की बजाय चौड़ी करें सडक़
किसानों ने एसडीएम को बताया कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस के लिए भूमि अवाप्ति होने पर अधिकांश किसान भूमिहीन हो जाएंगे तथा खेतों के जाने के लिए भी आवागमन बंद हो जाएगा। किसानों ने सरकार से मांग की है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की बजाय भरतपुर हिण्डौन गंगापुर स्टेट हाईवे की चौड़ाई बढ़ाई जाए।

इनका कहना है
ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अवाप्ति हेतु कई जिलों में एसआईए जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। सभी लोगों को संतोष पूर्ण जवाब देकर संतुष्ट किया गया है। ज्ञापन की मांगों सेे उ‘चाधिकारियो को अवगत कराया है।
हेमराज गुर्जर, एसडीएम व भूमि अवाप्ति अधिकारी हिण्डौनसिटी