हिण्डौनसिटी. कैलादेवी के लक्खी मेले का रंग शहर में देखते ही बन रहा है। पदयात्रियों की सेवा के लिए लगाए गए भंडारा पांडाल समारोह उत्सव की भांति रंग-बिरंगी रोशनियों से जगमगा रहे हैं। झूमर, मैट और कारपेट से सजे पांडालों में देवी मां की प्रतिमा स्थापित कर दरबार सजाया गया है, जहां सुबह-शाम पूजा और आरती की गूंज वातावरण को भक्तिमय बना रही हैं। युवा भोले भक्त मंडल द्वारा बयाना मार्ग पर सबसे बड़ा पांडाल लगाया गया है, जिसे आगरा के डेकोरेशन विशेषज्ञों ने भव्यता के साथ सजाया है। यहां न केवल भोजन की व्यवस्था है बल्कि श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए भी रोशनी से जगमग माहौल तैयार किया गया है। विद्युत व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए भंडारों पर उच्च क्षमता के 4-5 जनरेटर लगाए हुए हैं। हिण्डौन और बयाना की ओर एक-एक किलोमीटर तक स्टेट हाइवे को रोशनी से सजाया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सव स्थल जैसा प्रतीत हो रहा है। भंडारे में मंडल के सदस्यों के परिवार की महिलाएं और परिजन श्रद्धालुओं को भोजन परोसते हुए सेवा भाव में जुटे हैं। जाटव बस्ती बगीची और कोलियों की बगीची में भी भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। पंजाबी समाज ने उमाशंकर सत्संग भवन को रोशनी से सजाकर पदयात्रियों के लिए भोजन और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई है। शहर में दर्जनों स्थानों पर रोशनी से जगमगाते पांडालों ने मेले के वातावरण को और भी जीवंत बना दिया है। अमावस्या नजदीक आने के साथ पदयात्रियों की आवक बढ़ गई है। बड़े वाहनों में डीजे और रोशनी की जगमाहट के बीच पदयात्री लांगुरिया गीतों पर नृत्य करते हुए कैलाधाम की ओर बढ़ रहे हैं।
मनोरंजन के लिए लगाए डीजे फ्लोर
श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए भंडारा स्थलों डीज फ्लोर लगा कर बड़े साउंड सिस्टम लगाए हुए हैं। जहां सैकड़ों किलोमीटर पैदल सफर कर आ रहे भक्त लांगुरिया गीतों पर नृत्य कर थाकन मिटाने के साथ मनोरंजन करते है। कई स्थानों पर रास्ते में नृत्य के लिए किसान बुग्घा में डीजे सिस्टम लगाया हुआ है।