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VIDEO: कैलामाता के गुंजायमान हुए जयकारे

करौली. उत्तरभारत प्रसिद्ध कैलादेवी आस्थाधाम में चल रहे चैत्र लक्खी मेले में चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी। इस मौके पर कैलामाता का दरबार जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी।

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करौली. उत्तरभारत प्रसिद्ध कैलादेवी आस्थाधाम में चल रहे चैत्र लक्खी मेले में चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी। इस मौके पर कैलामाता का दरबार जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी।
दुर्गाष्टमी पर माता के दर्शनों के लिए सुबह मंगला आरती से ही श्रद्धालुओं की रैलिंग में कतार लगना शुरू हो गया। जैसे ही माता के पट खुले कैलामाता के जयकारे गूंज उठे। दिन चढऩे के साथ भीड़ में इजाफा तो हुआ, लेकिन इस बार अष्टमी पर उम्मीद के अनुसार भारी भीड़ नहीं थी।
इससे पहले हजारों श्रद्धालु कस्बे की पवित्र कालीसिल नदी पहुंचे और स्नान करने के बाद माता के दर्शनों के लिए पहुंच गए। तड़के मंगला आरती के मौके पर रैलिंग भर गईं, इसके बाद सुबह तक रैलिंगें भक्तों से भरी रही। इसके बाद भीड़ में धीरे-धीरे कमी आई। मंदिर ट्रस्ट मेला अधिकारी संतोष सिंह एडवोकेट ने बताया कि इस बार मेले की शुरूआत और पड़वा पर उम्मीद से अधिक श्रद्धालु आ गए। नवसंवत्सर पर ही एक दिन में करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। हालांकि अष्टमी पर उम्मीद से कम भीड़ रही।
इस मौके पर मंदिर के सोल ट्रस्टी कृष्णचन्द्र पाल और उनके पुत्र विश्वस्वत पाल भी माता के दरबार में पहुंचे और माता की पूजा-अर्चना कर खुशहाली की मनौती मांगी। उन्होंने बताया कि चैत्र नवरात्र में मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। अष्टमी की रात को हवन के साथ पूर्णाहुति हुई। इस मौके पर मंदिर के कार्यकारी अधिकारी किशनपाल जादौन, प्रबंधक स्थापना प्रदीप द्विवेदी, प्रबंधक प्रशासन चन्द्रकांत कुड़तकर, मेला अधिकारी संतोष सिंह एडवोकेट, प्रबंधक विधिक कार्य गोपाललाल शर्मा आदि मौजूद रहे।

घर-घर में किया पूजन
दुर्गाष्टमी के मौके पर घरों में देवी मां की पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर परिजनों ने सामूहिक रूप से देवी मां की पूजा-अर्चना की। इसके बाद कन्या-लांगुरियों को जीमन कराया गया।