करौली. बृज संस्कृति से ओतप्रोत करौली में श्रावणी तीज के अवसर पर शनिवार को यहां के प्रसिद्ध मदनमोहनजी मंदिर में भगवान के विग्रहों को झूले में झुलाने की झांकी सजाई गई।
इस मौके पर मंदिर में बंशीवारे के जयकारे गुंजायमान हुए। वहीं श्रावणी तीज पर शहर के अन्य कृष्ण मंदिरों में भी भगवान की झूला झांकी के दर्शन हुए। सावनी तीज के अवसर पर प्रसिद्ध आराध्य देव मदनमोहनजी के विग्रह को गर्भ गृह से बाहर जगमोहन में लाकर चांदी के हिण्डौले में विराजमान किया गया। सुबह 10 बजे से भगवान की झूला झांकी के दर्शन शुरू हुए। इस मौके पर भक्तों ने भगवान मदनमोहनजी के दर्शन कर मनौती मांगी। इस दौरान भगवान मदनमोहनजी के जयकारे गुंजायमान होते रहे।
गौरतलब है कि यहां के मदनमोहनजी मंदिर में वर्ष में दो बार सावनी तीज और धूलेण्डी पर्व पर भगवान की झूला झांकी सजती है। चांदी के बड़े झूले में भगवान के विग्रह को विराजित किया जाता है।
सजाई वन विहार की झांकी
सावनी तीज के अवसर पर अन्य मंदिरों में भी वन विहार के साथ झूला झांकी सजाई गई। खास बात यह है कि करौली में चाहे राम मंदिर हो या हनुमान मंदिर सभी में सावनी तीज पर बृज संस्कृति की झलक दिखी और वनविहार के साथ झूला झांकी के दर्शन हुए। शहर में नवलबिहारीजी, गोविन्ददेवजी, राधा गोपालजी में झूला झांकी सजाई।
परकोटे बाहर रोके ऑटो-टेम्पो
सावनी तीज पर भक्तों की भारी भीड़ उमडऩे की उम्मीद थी। इस मौके पर मंदिर परिसर सहित बाजारों में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। इस दौरान पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए हिण्डौन गेट, बजीरपुर गेट, गणेश गेट सहित अन्य स्थानों पर बैरिकेङ्क्षडग कर वाहनों को रोका गया।