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अंधता रोगियों को रोशनी का इंतजार : 5 माह से बंद ऑपरेशन थियेटर

मोतियाबिंद के नहीं हो रहे ऑपरेशन, ओपीडी में रोगियों को परामर्श दे रहे विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय का हाल

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हिण्डौनसिटी @ पत्रिका. जिला चिकित्सालय में अंधता निवारण के तहत पांच माह से आंखों के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। नेत्र यूनिट के ऑपरेशन थियेटर के बंद होने से अंधता झेल रहे रोगियों को रैफर की राह देखनी पड़ी है। चिकित्सालय में दो नेत्र रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं, लेकिन नेत्र इकाई के ऑपरेशन थियेटर के खराब होने से आंखों के ऑपरेशन का कार्य ठप पड़ा है।

नेत्र चिकित्सा यूनिट के ऑपरेशन थियेटर मई माह से बंद पड़ा है। दीवारों से पानी के रिसाव होने से थियेटर सीलन और फंगस के संक्रमण से नेत्र ऑपरेशन के लिए असुरक्षित हो गया। ऐसे में चिकित्सालय की आउटडोर में मोतियाबिंद व अन्य प्रकार के ऑपरेशन के जरुरतमंद नेत्र रोगियों को जयपुर के सवाईमानसिंह अस्पताल में ऑपरेशन कराने को रैफर किया जा रहा है। ऐसे में नेत्र रोगी स्थानीय स्तर पर ही निजी चिकित्सालय में मोटी राशि अदा कर आंखों का ऑपरेशन कराने को मजबूर हो रहे हैं। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार नेत्र यूनिट के थियेटर की छत पर वार्डों के निर्माण कार्य के चलते थियेटर में जलापूर्ति के पाइपों के क्षतिग्रस्त होने से कक्ष में पानी आने से सीलन आ गई। सीलन में फंगस पैदा होने से थियेटर को आंखों के ऑपरेशन के लिए असुरक्षित बता कर बंद कर दिया है। इधर ऑपरेशन थियेटर के बंद होने से एक अक्टूबर से ऑपरेशन सीजन शुरू होने के बाद भी अंधता निवारण के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू नहीं हो सके हैं।

रोजाना आते 150 नेत्र रोगी, 10-15 मिलते ऑपरेशन योग्य

चिकित्सालय की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रेखा गोयल व डॉ नंदमोहन सुमन ने बताया कि नेत्र यूनिट ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 रोगी आते हैं। जांच के बाद 10-15 रोगियों आंख में मोतियाबिंद बनने से ऑपरेशन का परामर्श दिया जाता है। फिलहाल ऑपरेशन थियेटर बंद है। थियेटर शुरू होने की संभावनाओं के चलते अब दीपावली बाद की ऑपरेशन तिथि दी जा रही है।

चिकित्सक को 300 नेत्र ऑपरेशन का लक्ष्य

चिकित्सकों के अनुसार अंधता निवारण के तहत जिले में मोतियाबिंद व ग्लूकोमा ऑपरेशन का लक्ष्य तय होता है। जो प्राय: अक्टूबर से फरवरी माह तक के ऑपरेशन सीजन में पूर्ण होता है। हिण्डौन में दो नेत्र रोग विशेषज्ञों को 300-300 ऑपरेशन का लक्ष्य मिला हुआ है।

इनका कहना है

सीलन आने से नेत्र ऑपरेशन थियेटर चिकित्सकीय तौर पर खराब हो गया है। सीलन को दूर कर थियेटर को जल्द ही अपड़ेट किया जाएगा। संक्रमण से बचाव व सुरक्षा की प्रक्रिया पूरी कर दीपावली बाद से ऑपरेशन शुरू हो सकेंगे।

डॉ. पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, पीएमओ जिला चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी
हीटर और हेलोजन लाइटों से मिटा रहे सीलन

नेत्र यूनिट के ऑपरेशन थियेटर की पानी से तर हुई दीवारों को गर्म हवा फेंकने वाले हीटर और हेलोजन लाइटें जला कर सुखाने का प्रयास किया जा रहा है। करीब एक माह से थियेटर में हीटर व हेलोजन लगाए हुए हैं। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार थियेटर के दीवारों को सूखने के अभी कुछ दिन और लगेंगेे।
मोतियाबिंद के नहीं हो रहे ऑपरेशन, ओपीडी में रोगियों को परामर्श दे रहे विशेषज्ञ

हिण्डौनसिटी @ पत्रिका. जिला चिकित्सालय में अंधता निवारण के तहत पांच माह से आंखों के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। नेत्र यूनिट के ऑपरेशन थियेटर के बंद होने से अंधता झेल रहे रोगियों को रैफर की राह देखनी पड़ी है। चिकित्सालय में दो नेत्र रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं, लेकिन नेत्र इकाई के ऑपरेशन थियेटर के खराब होने से आंखों के ऑपरेशन का कार्य ठप पड़ा है।

नेत्र चिकित्सा यूनिट के ऑपरेशन थियेटर मई माह से बंद पड़ा है। दीवारों से पानी के रिसाव होने से थियेटर सीलन और फंगस के संक्रमण से नेत्र ऑपरेशन के लिए असुरक्षित हो गया। ऐसे में चिकित्सालय की आउटडोर में मोतियाबिंद व अन्य प्रकार के ऑपरेशन के जरुरतमंद नेत्र रोगियों को जयपुर के सवाईमानसिंह अस्पताल में ऑपरेशन कराने को रैफर किया जा रहा है। ऐसे में नेत्र रोगी स्थानीय स्तर पर ही निजी चिकित्सालय में मोटी राशि अदा कर आंखों का ऑपरेशन कराने को मजबूर हो रहे हैं। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार नेत्र यूनिट के थियेटर की छत पर वार्डों के निर्माण कार्य के चलते थियेटर में जलापूर्ति के पाइपों के क्षतिग्रस्त होने से कक्ष में पानी आने से सीलन आ गई। सीलन में फंगस पैदा होने से थियेटर को आंखों के ऑपरेशन के लिए असुरक्षित बता कर बंद कर दिया है। इधर ऑपरेशन थियेटर के बंद होने से एक अक्टूबर से ऑपरेशन सीजन शुरू होने के बाद भी अंधता निवारण के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू नहीं हो सके हैं।

रोजाना आते 150 नेत्र रोगी, 10-15 मिलते ऑपरेशन योग्य

चिकित्सालय की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रेखा गोयल व डॉ नंदमोहन सुमन ने बताया कि नेत्र यूनिट ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 रोगी आते हैं। जांच के बाद 10-15 रोगियों आंख में मोतियाबिंद बनने से ऑपरेशन का परामर्श दिया जाता है। फिलहाल ऑपरेशन थियेटर बंद है। थियेटर शुरू होने की संभावनाओं के चलते अब दीपावली बाद की ऑपरेशन तिथि दी जा रही है।